फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: खस्ताहाल ट्रैक पर दौड़ कर अपने सपनों को उड़ान दे रहे खिलाड़ी

Mon, 25 Nov 2024 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
विज्ञापन
भीम स्टेडियम में दौड़ लगाते ​खिलाड़ी। 
विज्ञापन
भिवानी। जिले में बना भीम स्टेडियम खेल परिसर जर्जर हो चुका है। खेल परिसर में बना रनिंग ट्रैक भी खस्ताहाल में है। खस्ताहाल ट्रैक पर अभ्यास कर जिले के खिलाड़ी अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं।
विज्ञापन

इसके अलावा हॉकी सहित विभिन्न खेल मैदान बदहाल की कगार पर हैं। मुख्य मैदान में करोड़ों रुपये से बना दर्शक दीर्घा टूट कर कंडम हो चुका है। कंडम दर्शक दीर्घा हादसों को न्योता दे रही है।
स्टेडियम प्रशासन की तरफ से बकायदा चेतावनी संदेश भी लगाए गए हैं। चेतावनी संदेश पर लिखा गया है कि ये सीढ़ियां असुरक्षित हैं, कृप्या इनका उपयोग न करें। लेकिन इसके बावजूद भी अभ्यास के लिए आने वाले खिलाड़ी दर्शक दीर्घा में जाकर वार्म अप करते हैं। इसके कारण किसी भी समय हादसा हो सकता है। परिसर में स्थित शौचालय के गेट टूटे हुए हैं। शौचालय में लगी सीट, पानी के नल बंद पड़े हैं। दरअसल, शहर में खेल स्टेडियम को बने हुए लंबा समय हो चुका है।
विज्ञापन

मैदान में मौजूद एथलीट कोच राजेंद्र कुमार व सेना से सेवानिवृत खिलाड़ी नरेंद्र कुमार श्योराण ने बताया की जब स्टेडियम का निर्माण हुआ, इसके बराबर का स्पीडी ट्रैक आसपास के जिलों में भी नहीं था। फिलहाल खेल परिसर सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ रहा है। खेल परिसर में बनी दर्शक दीर्घा को कंडम घोषित किया जा चुका है।
परिसर में बिजली, पानी जैसी सुविधाओं से खिलाड़ी महरूम हैं। शौचालयों के हालात खराब हैं। मैदान में लगी लाइटें बंद पड़ी हैं। लेकिन प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा। खेल परिसर में अभ्यास कर अंतराष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ी पदत जीत चुके हैं। लेकिन नए खिलाड़ियों को वो सभी सुविधाएं नहीं मिल रही।
इसके कारण खिलाड़ियों के साथ कोच को भी अभ्यास करवाने में परेशानी होती है। एक तरफ तो सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। लेकिन जिले के खेल स्टेडियम के तरफ किसी का ध्यान नहीं है।
दस साल में हॉकी ग्राउंड हुआ खस्ताहाल
भीम स्टेडियम में हॉकी ग्राउंड को बने दस साल का समय हो चुका है। लेकिन खिलाड़ियों को खेल की सामान्य सुविधाओं से भी महरूम होना पड़ रहा है। हॉकी स्टेडियम में लगी लाइटें, मैट, जाली व पेयजल लाइन खस्ताहाल हैं। लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। मैट व जाली फट चुका है। पानी की पाइप लाइन खराब है। पाइप लाइन पुरानी होने के कारण जगह-जगह से टूट चुकी है। फिलहाल हॉकी के 80 खिलाड़ी रोजाना अभ्यास करने आते हैं। लेकिन खिलाड़ी सुविधाओं को तरस रहे हैं।
रनिंग ट्रैक पर उड़ रही है काली राख
भीम स्टेडियम के मुख्य मैदान पर बना रनिंग ट्रैक बदहाल हो चुका है। ट्रैक पर काली राख डालकर काम चलाया जा रहा है। खिलाड़ियों को दौड़ते समय गिर कर चोटिल होने का खतरा भी बना रहता है। सुबह शाम सैकड़ों की संख्या में युवा यहां दौड़ लगाने व सैर करने आते हैं। लेकिन ट्रैक पर उड़ रही धूल सेहत सुधारने की बजाए बिगाड़ रही है। अभ्यास करवा रहे कोच ने बताया कि अगर तीन से चार दिन में इसके ऊपर पानी का छिड़काव किया जाए तो बचाव हो सकता है।
भीम स्टेडियम में एथलीट का अभ्यास करवाने आता हूं। दर्शक दीर्घा टूटी हुई है। फिलहाल चेतावनी दी गई है। लेकिन चेतावनी से काम नहीं चलेगा। किसी भी समय हादसा हो सकता है। रनिंग ट्रैक के हालात खस्ताहाल है। ट्रैक पर कंकड़ होने के कारण खिलाड़ियों के पैरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए ।
- राजेंद्र कुमार, एथलीट कोच।
रनिंग ट्रैक कच्चा है। इसके कारण धूल उड़ती रहती है। पानी का उचित प्रबंध नहीं है। शौचालय के हालात खराब है। नए सरकार के गठन से उम्मीद है कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मिल सकें।
नरेंद्र कुमार श्योराण, कोच।

दर्शक दीर्घा को कंडम घोषित किया जा चुका है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। इसको तोड़ कर मलबे की नीलामी करने के लिए प्रस्ताव भेज रखा है। प्रस्ताव पास होते ही काम शुरू कर दर्शक दीर्घा को गिरा कर नए सिरे से बजट तैयार किया जाएगा। शौचालय हर महीने ठीक करवाते हैं। किसी खिलाड़ी को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
विज्ञापन

- दलेल सिंह, डिप्टी सुपरिटेंडेंट, भीम स्टेडियम भिवानी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें