ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते डीएसपी वीरेन्द्र सिंह। संवाद न्यूज एजेंसी
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ढाणीमाहू माइनर में पाइप लाइन डालने के विरोध के बीच बुधवार को प्रशासन पुलिस दलबल के साथ धरने पर बैठे किसानों के बीच पहुंचा। प्रशासन ने किसानों को विभिन्न सुझाव दिए और पाइप लाइन डाले जाने की बात कही। उधर किसान अपनी मांग पर अडिग रहे। अंतत: प्रशासन व किसानों के बीच कमेटी बनाए जाने पर सहमति बनी। कमेटी द्वारा मामले में दस दिन का समय मांगा गया है।
सुबह करीब दस बजे डीएसपी हेडक्वार्टर वीरेंद्र सिंह व थाना प्रभारी संदीप शर्मा पाइपलाइन डाले जाने के विरोध में धरने पर बैठे किसानों के बीच पहुंचे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार अशोक कुमार, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता भी धरनास्थल पर पहुंच गए। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को किसानों ने कहा कि पाइप लाइन को छोड़कर इसका और कोई समाधान कर दो। इस पर डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जिन गांवों के खेतों से यह माइनर निकलता है उन गांव से दो-दो व्यक्ति एक कमेटी बनाए और प्रशासन से बातचीत करें। किसानों ने इसके लिए हामी नहीं भरी और कहा कि कमेटी नहीं बनाई जाएगी। कार्यकारी अभियंता अजेंद्र सुहाग व एसडीओ अंशुल कादयान मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर हल निकालने का प्रयास किया। कार्यकारी अभियंता ने किसानों को कहा कि प्रत्येक चार सौ फीट पर होदी बना दी जाएगी। जिसके चलते रिसाव की समस्या नहीं रहेगी। इस पर भी किसानों ने साफ मना कर दिया। कार्यकारी अभियंता ने कहा कि इसके हेड पर मोरी लगाकर नहर के साथ साथ पक्का नाला बना दिया जाएगा। जिससे पानी का रिसाव होता रहेगा। इसके लिए प्रपोजल बनाकर भेज दिया जाएगा। इसका भी किसानों ने विरोध कर दिया। किसान इस बात पर अडे़ रहे की पाइप लाइन नहीं डलने दी जाएगी। रवि आजाद ने कहा कि अगर प्रशासन लाठीचार्ज कर पाइप लाइन दबाना चाहता है तो वे गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। मामला बिगड़ता देख डीएसपी ने दोबारा से किसानों से कमेटी बनाकर बातचीत करने की अपील की। तत्पश्चात रवि आजाद के नेतृत्व में एक 11 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया।