बिजली निगम के कारनामे भी अजब हैं। दो फेस के कनेक्शन पर उपभोक्ता से तीन फेस की बिजली का बिल वसूला जा रहा है। वह भी पिछले एक साल से। बार-बार शिकायत के बाद भी न तो बिजली बिल में सुधार हो रहा है और न ही तीसरे फेस का कनेक्शन ही मिल पाया है। मामला शहर के शास्त्रीनगर कॉलोनी का है।
एसी व अन्य हैवी उपकरणों को चलाने के मकसद से महेन्द्र सिंह ने जून 2013 में तीन फेस के कनेक्शन के लिए आवेदन दिया था। पांच हजार रुपये मीटर शुल्क, सिक्योरिटी राशि सहित करीब सात हजार रुपये जमा कराते हुए एक माह में कनेक्शन देने की बात कही गई। बिजली निगम के कर्मचारियों ने मीटर तो लगा दिया, लेकिन कनेक्शन आज तक नहीं दिया। अलबत्ता बिल जरूर तीन फेस के कनेक्शन के अनुसार वसूला जाने लगा है।
पीड़ित उपभोक्ता के मुताबिक आवेदन से पहले डेढ़ हजार रुपये तक बिजली बिल आता था, लेकिन अब ढाई से तीन हजार तक का बिल भेजा जा रहा है। तीसरे फेस का कनेक्शन देने के लिए जेई, एसडीओ से कई बार मिल चुके हैं। अफसरों ने मौका-मुआयना भी किया। दो पोल का तार खींचकर कनेक्शन देने की दलील दी, मगर एक वर्ष बाद भी स्थिति यथावत है। इस सम्बन्ध में प्रभारी एक्सईएन राहुल सांगवान का कहना था कि गलत बिलिंग की शिकायतें दूर की जा रही है। शास्त्रीनगर के मामले में बिल देखने के बाद ही कुछ कर सकते हैं। अगर शिकायत सही है तो उसका प्राथमिकता से सुधार कराया जाएगा।