भिवानी। पेस्टीसाइड विक्रेताओं के लिए एमएससी या इसके समकक्ष की पढ़ाई की शर्त पर खाद-बीज विक्रेता उखड़ गए और अपनी दुकानें बंद कर रोष जताया। दुकानदारों ने बीएससी की शर्त वाली अधिसूचना को रद करने की मांग की। साथ ही इसके समकक्ष दुकानदारों के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था करने की मांग की।सरकार की ओर से पेस्टीसाइड विक्रेताओं के लिए एमएससी या इसके समकक्ष पढ़ाई की अधिसूचना जारी की गई है। जिसके तहत अब बीएससी की पढ़ाई करने वाले ही पेस्टीसाइड बेच सकेंगे। इस अधिसूचना के विरोध में मंगलवार सुबह खाद-बीज विक्रेता उखड़ गए। दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर रोष जताया और दिनभर हड़ताल रखी। दुकानदारों ने कहा कि इस उम्र में अब किसी भी दुकानदार के लिए संभव नहीं कि बीएससी या इसके समकक्ष की पढ़ाई करें और न ही यह संभव है कि बीएससी पास को दुकान पर रखा जा सके। ऐसे में सरकार की यह अधिसूचना गलत है। इससे बेहतर दुकानदारों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र में ट्रेनिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए। दुकानदारों ने बताया कि व्यापार का दायरा सीमित है और कृषि ज्ञान में बीएससी धारकों की संख्या भी सीमित है।इसलिए पात्र व्यक्ति को सहकर्मी के रूप में रखना भी संभव नहीं है।व्यापारियों ने कहा कि दुकानदार व उपभोक्ताओं का नाता सहभागिता व विश्वास का है। प्रदेश भर में करीब डेढ़ लाख व्यवसायी हैं, जिनके सहारे तीन लाख से अधिक परिवारों का भरण-पोषण होता है। मेडिकल के क्षेत्र में जब तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था लागू की गई उस समय पुराने व्यवसायियों को नियमित रखा गया था। व्यवसायियों ने मांग की कि पुराने व्यापारियों को कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा प्रशिक्षण दिलाया जाए। इस मौके वेदप्रकाश, पूर्व पार्षद सतेन्द्र जोशी, रविन्द्र, रोहताश, महेंद्र सिंह, जोगेंद्र, राजेश कुमार, मानसिंह, प्रवीण, राकेश सैनी, अनिल आदि मौजूद रहे।