अपने छोटे भाई की बहू द्वारा हिसार महिला पुलिस थाने में झूठा मुकदमा दर्ज कराने के बाद तनाव में चल रहे एक व्यक्ति ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ निगल लिया। जिससे हिसार के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के बेटे के बेटे के बयान पर पुलिस ने एक महिला व एक अन्य पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
पुलिस शिकायत में गांव खेड़ी दौलतपुर निवासी स्वतंत्र ने बताया कि वह गांव में ही खेतीबाड़ी का काम करते हैं। उसके चाचा श्रीभगवान का पत्नी रेखा के साथ कई वर्षों से झगड़ा चल रहा है। इसी के चलते उसके चाचा और चाची का तलाक का मामला भी कोर्ट में चल रहा है। इसी को लेकर 11 अप्रैल को वह अपने चाचा के साथ कोर्ट में तारीख पर उसके साथ गया था। उस समय भी उसकी चाची ने उसे उसका भविष्य खराब कर देने और पूरे परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। उसने बताया कि 28 अप्रैल को उसकी दादी की मृत्यु हो गई थी। इस दौरान उसकी चाची घर आई थी। इसके बाद 30 अप्रैल को उसके पिता ने रेखा के पास फोन कर उसे समझाने का प्रयास किया तो उसके पिता के खिलाफ ही हिसार पुलिस थाने में झूठी शिकायत दे दी। जिसके बाद उसके पिता गांव के ही दो मौजिज लोगों को साथ लेकर उससे माफी मांगने भी गए थे, मगर उसने उसे माफी नहीं दी थी। इसी के बाद से उसके पिता काफी मानसिक तनाव में रहने लगे थे। स्वतंत्र का आरोप है कि गत 24 जुलाई को उसके पिता के पास दो बदमाश आए और उसके पिता को रेखा व दिनेश पूनिया हिसार निवासी के नाम से धमकी देने लगे और मामले में बीच में नहीं आने और पूरे परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी देकर चले गए थे। इस बात का जिक्र उसके पिता ने उसके सामने भी किया था और काफी तनाव में रहने लगे थे। स्वतंत्र का आरोप है कि उसकी चाची रेखा व दिनेश पूनिया हिसार के उत्पीडऩ के चलते उसके पिता ने 26 जुलाई को जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। जिस कारण उसके पिता की मौत हो गई। बवानीखेड़ा पुलिस ने स्वतंत्र के बयान दर्ज कर रेखा व दिनेश पूनिया हिसार के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।