फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसी भी गांव वाले की गिरफ्तार हुई तो दे देंगे जान, ग्रामीणों ने दी चेतावनी

Thu, 27 Apr 2017 01:09 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
विज्ञापन
लघु सचिवालय पर धरना देते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
बिजली किल्लत पर गांव चरखी अड्डे पर बिजली निगम के एसडीओ के साथ हुई मारपीट के मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन से किसी भी ग्रामीण की गिरफ्तारी न करने के साथ सदर थाने में दर्ज मामले को खारिज करने की भी मांग की। इस संबंध में बुधवार को चरखी के ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर लघु सचिवालय पहुंच गए। ग्रामीणों ने करीब पौने घंटे तक लघु सचिवालय के एंट्री गेट के सामने धरना भी दिया। ऐसा न होने पर ग्रामीणों ने आत्महत्या तक की चेतावनी प्रशासन को दे डाली।
विज्ञापन


इसके बाद प्रशासन बैकफुट पर नजर आया और कार्यभारी पद संभालने वाले अतिरिक्त जिला उपायुक्त जसबीर सिंह आर्य ने मामले की जांच करवाने के बाद ही कोई कदम उठाने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया। ग्रामीणों ने बिजली सप्लाई सुचारू दिलाने के साथ-साथ निगम के एसडीओ व एक्सईएन पर कार्रवाई करने की मांग भी की है। दूसरी तरफ बिजली निगम के कर्मचारी इस मामले में एसडीओ के पक्ष में उतर आए है और उन्होंने मंगलवार को रेलवे रोड स्थित निगम कार्यालय में प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग भी की।      

गौरतलब है कि सोमवार को बिजली किल्लत को लेकर गांव चरखी के ग्रामीणों ने अड्डे पर जाम लगा दिया था। इसके बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने निगम के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की थी। इसके बाद निगम के एसडीओ अतुल रंगा मौके पर ग्रामीणों को आश्वासन देने पहुंचे थे।
विज्ञापन


इसी दौरान उनकी ग्रामीणों से कहासुनी हो गई थी। इस दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने एसडीओ के साथ मारपीट भी की थी और एसडीओ मौके से भाग गए थे। हालांकि उन्हें दोबारा भी पकड़ा गया था लेकिन पुलिस ने बाद में बीच-बचाव कर एसडीओ को सुरक्षा घेरे में रखा था। इसके बाद निगम के एक्सईएन बिजेंद्र लांबा भी मौके पर पहुंचे थे।

बिजली किल्लत का कारण बताने पर ग्रामीण उखड़ गए थे और उन्होंने पहले 24 घंटे बिजली देने की मांग की थी। इसके बाद मौके पर एक्सईएन ने 19 घंटे बिजली सप्लाई देने का आश्वासन दिया था। वहीं, एसडीओ अतुल रंगा ने इस संबंध में सदर थाना पुलिस को शिकायत भी दी थी। सदर थाने में इस संबंध में चार नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।  
           
मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई
करीब ढाई सौ ग्रामीण बुधवार सुबह लघु सचिवालय पहुंच गए। इन ग्रामीणों ने सचिवालय के मेन गेट पर डेरा डाल लिया। ग्रामीणों की मांग पर एडीसी जसबीर सिंह आर्य उन्हें आश्वासन देने बाहर आए। इस दौरान ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने उनके सामने सारा माजरा रखा। ग्रामीणों ने स्पष्ट लहजे में कहा कि मौके पर पहुंचे निगम के अधिकारी ने ग्रामीणों से दुर्व्यवहार किया था और मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई। इस दौरान ग्रामीणों की तादाद व उनके रोष को देखते हुए भारी पुलिस बल सचिवालय में तैनात रहा।    
 
निगम कर्मचारी व ग्रामीणों की अलग-अलग मांग, प्रशासन के लिए चुनौती      
मारपीट प्रकरण पर ग्रामीण व बिजली निगम के कर्मचारियों की अलग-अलग मांग है। निगम के कर्मचारी जहां इस संबंध में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मंगलवार को रोष प्रदर्शन कर प्रशासन को अल्टीमेटम दे चुके हैं तो वहीं ग्रामीणों ने बुुधवार को लघु सचिवालय पहुंचकर गिरफ्तारी न करने के साथ-साथ दर्ज किए गए मामले का खारिज करने व निगम के अधिकारियों पर ही कार्रवाई करने की मांग की है। दोनों तरफ से अलग-अलग मांग होने के कारण जिला प्रशासन के लिए अब इसमें कोई भी कदम उठाना चुनौती से कम नहीं है।    

साढ़े आठ लाख व जमीन देने का मुद्दा फिर गर्माया      
सोमवार को चरखी अड्डे पर मारपीट की घटना के बाद आश्वासन देने पहुंचे निगम के एक्सईएन के सामने चरखी के ग्रामीणों ने 24 घंटे बिजली लेना अपना हक बताया था। गांव के प्रमुख लोगों ने एक्सईएन को कहा था कि इसके लिए गांव ने न केवल मुख्य सब स्टेशन बनाने के लिए जमीन दे रखी है बल्कि बिजली व्यवस्था करने के लिए साढ़े आठ लाख रुपये की राशि भी बिजली निगम में जमा करवा रखी है। यहीं मामला बुधवार को अतिरिक्त जिला उपायुक्त के समक्ष भी ग्रामीणों ने उठाया। ग्रामीणों ने कहा कि जमीन व रुपये देने के बाद तो 24 घंटे बिजली लेना गांव का हक है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तो ज्यादातर ग्रामीणों ने पंचायत के कहने से बिल भी भर दिया है।      
वर्जन::      
एसडीओ ने ग्रामीणों को भला-बुरा कहा था और युवाओं ने तो उसे बचाने का प्रयास किया था। प्रशासन ने जो मामला दर्ज किया है वो गलत है। गांव के किसी भी व्यक्ति की हम गिरफ्तारी नहीं करने देंगे। पुलिस प्रशासन को दर्ज मामला खारिज करना चाहिए और निगम के अधिकारियों पर ही दुर्व्यवहार करने पर कार्रवाई करनी चाहिए। अगर प्रशासन ने ऐसा नहीं किया तो युवकों से पहले ग्रामीण हवालात में होंगे और फिर भी कुछ गलत हुआ तो कोर्ट के सामने हम आत्महत्या कर लेंगे।      
मास्टर ताराचंद, पूर्व सरपंच चरखी      
वर्जन::      
प्रशासन को निगम के अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। कई दफा उन्हें हम समस्याओं से अवगत करवा चुके लेकिन कोई समाधान अब तक नहीं किया गया। चरखी गांव रूपये व जमीन दोनों ही बिजली निगम को देचुका है फिर भी बिजली किल्लत गहराई हुई है। प्रशासन का ग्रामीणों पर ही मामला दर्ज करना सरासर गलत है।      
गुलजारी लाल, सरपंच, चरखी      
वर्जन::      
मैंने अपना अभी कार्यभार संभाला है। चरखी में निगम एसडीओ से हुई मारपीट मामले की जांच की जाएगी। जांच में जो भी सामने आएगा उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को भी यही आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने करीब साढ़े आठ लाख व मुख्य सब स्टेशन के लिए जमीन बिजली निगम को देने की बात भी मुझे बताई है। निगम अधिकारियों से बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए बातचीत करूंगा।      
विज्ञापन

जसबीर सिंह आर्य, एडीसी, दादरी     
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें