सर, मेरी नॉन वुवन की फैक्टरी है, लॉकडाउन के बाद औसत बिल भेजा है। तीन बार सरचार्ज जोड़कर कुल रकम 10 लाख बना दी है, थोड़ा रहम करो। कामधंधा भी ठप पड़ा है। यहां तीन दिन से चक्कर काट रहा हूं, ऑनलाइन नेटवर्क भी ठप पड़ा है। कुछ इसी तरह की फरियाद लेकर उपभोक्ता सोमवार को बिजली निगम के कंज्यूमर केयर सेंटर में पहुंचे। कोई अपना बिल ठीक कराने आया था तो कोई बिल भुगतान को लेकर ही असमंजस में दिखा।
इसी बीच शुक्रवार को कंज्यूमर केयर सेंटर की सब डिविजन नंबर दो में एक यूडीसी कोरोना पॉजिटिव आ गया, तभी से लेकर चार दिनों से दफ्तर में पब्लिक डिलिंग ही बंद पड़ी है। ऑनलाइन शिकायतों का निवारण न होने के बाद उपभोक्ता निगम कार्यालय में पहुंचे, लेकिन यहां पर भी ऑनलाइन कामकाज पूरी तरह से ठप मिला। क्योंकि निगम की वेबसाइट ही बंद थी। इस वजह से बिजली बिलों का भुगतान करने वालों की भी लंबी लाइन लगी। यहां पर कोविड-19 की हिदायतों की भी धज्जियां उड़ाई गई। यही हाल दफ्तरों का भी दिखा। जहां एक पॉजिटिव केस सामने आने के बाद बिजली कर्मचारियों में भी हड़कंप मचा था, जबकि निगम प्रबंधन की तरफ से अन्य कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग या कोरोना टेस्ट तक नहीं कराया गया। वहीं उपभोक्ता बोले लॉकडाउन के बाद एवरेज रीडिंग के बिल थमा दिए, अब ठीक कराने में पसीने छूट रहे हैं।
कोट्स-
तीन माह से कोई रीडिंग नहीं ली, पांच लाख का बिल थमाया
औद्योगिक सेक्टर में प्लास्टिक उद्योग संचालक अभिषेक गोयल फाइल लेकर इस दफ्तर से उस दफ्तर में पिछले कई दिनों से चक्कर लगा रहे हैं। अभिषेक ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान लगातार तीन महीनों से उसका बिल ही नहीं आया। अब अचानक पांच लाख रुपये का बिल थमा दिया। अब बिल ठीक कराने में पसीने छूट रहे हैं। एक लाख से ज्यादा राशि का ऑनलाइन भुगतान नहीं हो रहा है। जबकि दफ्तर में इंटरनेट ठप पड़ा है, इस वजह से बिल भी ठीक नहीं हो रहा है।
एसडीओ से लेकर एक्सईएन तक लगाई गुहार, दस लाख का थमाया बिल
औद्योगिक सेक्टर 21 में नान वुवन फैब्रिक कपड़ा उद्योग संचालक रमन जैन ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से चक्कर लगा रहा हूं। तीन बार सरचार्ज जोड़कर उसे करीब दस लाख रुपये का बिजली बिल थमा दिया है। ठीक कराने दफ्तर आता हूं तो इंटरनेट खराब होने की वजह से वेबसाइट ही ठप पड़ी है। एक लाख से अधिक राशि का ऑनलाइन भुगतान पर भी पाबंदी है। एसडीओ से लेकर एक्सईएन तक गुहार लगाई, मगर बिल संबंधी त्रुटि ठीक नहीं हुई है। निगम ऑनलाइन सुविधाओं की बात करता है, मगर काम मैनुअल तरीके से भी नहीं हो रहे हैं।
वेबसाइट हुई ठप तो तीन सब डिविजनों में कामकाज बाधित
निगम की वेबसाइट ठप होने की वजह से आरएपीडीआरपी सिस्टम भी बंद हो गया। जिसमें बिजली बिल संबंधी व मीटर लगवाने व मीटर हटवाने के आवेदनकर्ताओं के काम प्रभावित हो गए। करीब डेढ़ दर्जन से अधिक उपभोक्ता दिनभर दफ्तर में इधर से उधर चक्कर लगाते रहे। कर्मचारी भी कंप्यूटर पर वेबसाइट को बार बार जांचते, मगर कोई रिस्पांस नहीं मिला। निगम की सिटी डिविजन के अंतर्गत तीन सब डिविजनों के अंदर करीब 80 हजार शहरी बिजली उपभोक्ता आते हैं। मगर वेबसाइट ठप होने की वजह से कोई भी ऑनलाइन काम नहीं हुआ। घरेलू बिजली बिल ठीक कराने वाले उपभोक्ता भी काफी परेशान हुए वहीं बिल भरने की लंबी लाइन में खड़े़ उपभोक्ताओं के बिलों का भी भुगतान नहीं हुआ।
वर्जन-
सब डिविजन नंबर दो में यूडीसी के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उसके संपर्क में आए सभी कर्मचारियों को होम क्वारंटीन किया गया है। जबकि निगम कार्यालय में सामुदायिक दूरी व सैनिटाइज की पालना करते हुए उपभोक्ताओं की समस्याओं का निवारण किया जा रहा है। सिस्टम में खराबी आना एक तकनीकी दिक्कत है। उपभोक्ताओं को निगम ने ऑनलाइन सुविधाएं दी हैं, जिनकी जागरूकता के लिए कंज्यूमर केयर सेंटर में जगह जगह टोल फ्री नंबरों की जानकारी भी दर्शायी गई है।
- एमएल रोहिल्ला महाप्रबंधक भिवानी सर्कल बिजली निगम।