भिवानी। ताश के पत्तों पर इन दिनों चुनावी पते की बात भी हो रही है। शहर के सेंट्रल पार्क में शुक्रवार को ताश के पत्तों के साथ चुनावी माहौल पर चर्चा कर रहे बुजुर्गाें ने बताया कि इस बार मुद्दों पर भारी हालात हो गए हैं। लोकसभा चुनावों में अब मुख्य पार्टियों के प्रत्याशी चुनावी प्रचार में जुटे हैं, लेकिन अभी चुनाव का माहौल नहीं बन पा रहा है। लोग राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय स्थानीय मुद्दों को ज्यादा तवज्जो देते हैं, इसकी एक वजह यह भी है कि लोग सबसे पहले अपने आसपास के माहौल को ही भांपते हैं।
सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डॉ मान सिंह न्यूणी ने बताया कि इस बार का लोकसभा चुनाव कई तरह से रोचक रहेगा, क्योंकि भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट पर इस बार प्रत्याशी की जीत और हार का नया इतिहास ही बनेगा। राजनीतिक दलों की प्रतिस्पर्धा के बीच मुद्दों पर अभी चर्चा नहीं हो रही है, जबकि ये बहुत जरूरी है। रिटायर्ड कानूनगो सतबीर और रिटायर्ड बैंक मैनेजर विजय श्योराण ने बताया कि चुनावी माहौल अभी गर्म होना शुरू होने लगा है। अभी तो नामांकन ही दाखिल हो रहे हैं, जबकि प्रत्याशी प्रचार के लिए पहुंचेंगे तो लोग भी अपनी बात सीधे ही इनके सामने रखने लगेंगे। पहले चुनावी दौर कुछ और होता था, मगर अब माहौल बदल गया है। सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर हर कोई जुड़ा है और बातों को अच्छी तरह समझ रहा है। पल-पल यह भी नजर रखी जा रही है कि कौन क्या कह रहा है।
वहीं रिटायर्ड पुलिस अधिकारी राव भरत सिंह ने बताया कि लोकसभा चुनाव देश और राष्ट्र की सरकार चुनने के लिए अहम होता है। ऐसे में इस चुनाव में मुद्दे भी राष्ट्रीय स्तर के ही होने चाहिंए, हालांकि क्षेत्र की बड़ी समस्याएं और मांगें क्या हैं, इनका भी चुनावी एजेंडे में जिक्र बहुत जरूरी है, क्योंकि देश की संसद में बैठने के बाद जनता के नुमाइंदे को उनकी आवाज वहां तक पहुंचानी ही नहीं बल्कि मजबूत तरीके से उनकी पैरवी कर समस्याओं को हल करना भी उसकी जिम्मेदारी बनती है। बता दें कि चौपाल पर भी अब चुनावी माहौल का रंग दिखाई देने लगा है। ऐसे में जहां पर भी चार लोग एकत्रित हो रहे हैं, उनके बीच इस समय चुनावी चर्चा ही हो रही है।