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Bhiwani News: ग्राम पंचायतों ने करा दिए गांवों में विकास के काम, अब एक माह से भुगतान अटका

Tue, 23 Jan 2024 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। ग्राम पंचायतों ने गांवों में विकास कार्य तो करा दिए, लेकिन एक माह से उनका भुगतान अटका है। ऐसे में विभाग के पोर्टल पर भी ये विकास कार्य लंबित दर्शाये गए हैं, जिस पर अब विभाग जांच में जुटा है।
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सरपंचों का कहना है कि उनके विकास कार्य हो चुके हैं, मगर उनका भुगतान नहीं हुआ है। जबकि जारी की गई ग्रांट का उपयोग भी नहीं दर्शाया जा रहा है। विभाग और ग्राम पंचायतों के बीच विकास कार्यों को लेकर असमंजस इसलिए भी बना है कि पिछले दिनों ही कुछ अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है, जबकि ग्राम पंचायतों के बैंक खाते भी बदले गए हैं। इसके बाद ग्राम पंचायतों को नए खाते के यूजर आईडी और पासवर्ड दिए गए हैं। मगर अभी तक ग्रांट का निपटान नहीं हुआ है।
प्रदेश भर में विभाग ने ऐसी पंचायतों का चयन किया जिन्होंने जारी की गई ग्रांट का अभी तक उपयोग नहीं किया है। जब इन गांवों में धरातल पर स्थिति जांची गई तो सामने आया कि सरपंचों ने तो गांव में विकास कार्य भी करा डाला, लेकिन अभी तक ठेकेदारों को कार्य का भुगतान नहीं हुआ। वहीं विभागीय अधिकारियों ने भी वस्तुस्थिति का जायजा लिया तो पाया कि कई बिलों या फिर अन्य दस्तावेजों की वजह से ई-टेंडर से कराए गए कार्याें का भुगतान नहीं हुआ। इसकी वजह से ग्रांट का उपयोग भी लंबित दर्शाया गया है।
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भिवानी जिले के दो गांव इस दायरे में शामिल हैं। इनमें तोशाम क्षेत्र का गांव संडवा और कैरू क्षेत्र का गांव लोहानी शामिल है। इन दोनों ही गांवों की ग्राम पंचायतों ने ई-टेंडरिंग से गलियों के निर्माण का काम भी करा लिया है। गांव संडवा में गांव के विकास के लिए 35 लाख 96 हजार रुपये की ग्रांट जारी की गई है। जबकि गांव लोहानी में 33 लाख 76 हजार रुपये की सालाना ग्रांट शामिल है। इन दोनों गांवों में ग्रांट प्रयोग को लंबित रखा गया है।
दोनों ही गांवों की ग्राम पंचायतों का तर्क है कि उनके गांवों में विकास के कार्य हुए हैं, लेकिन ग्रांट के पेंडिंग दर्शाया जाना ग्राम पंचायतों की खामी नहीं है। ऐसा कई कारणों से हुआ है। इसमें ग्राम पंचायतों के बैंक खातों का बदला जाना और कई गांवों के ग्राम सचिवों को भी इधर से उधर किया जाना शामिल है। इनकी वजह से कार्यों के दस्तावेजों को भी शायद दुरुस्त नहीं किया जा सका।

हमने गांव में सालाना ग्रांट से गलियों का निर्माण का काम पूरा करा दिया है। करीब एक माह से भुगतान अटका हुआ है। गांव में पानी की पाइप लाइन डालने का प्रस्ताव जनस्वास्थ्य विभाग को भेजा था, मगर अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया तो आखिरकार ग्राम पंचायत ने ही प्लास्टिक की पाइप से पेयजल लाइन डाल गली का निर्माण काम पूरा करा दिया। सालाना ग्रांट का कोई काम बकाया नहीं है। उनके बजट को लंबित दर्शाये जाने के कई कारण हैं। - कृष्ण कुमार, सरपंच, गांव संडवा।

विभाग की तरफ से गांव संडवा और लोहानी में सालाना ग्रांट के बजट से गांवों में विकास कार्यों की जांच की गई है। दोनों ही गांवों में ई टेंडरिंग से काम अभी चल रहे हैं। इनके पूरा होने के बाद ही उनकी सालाना ग्रांट प्रयोग को पोर्टल पर दर्शाया जाएगा। फिलहाल दोनों ही गांवों में अभी कार्यों का भुगतान नहीं हुआ है। इसलिए भी ग्राम लंबित दर्शायी गई है। -रवींद्र कुमार दलाल, डीडीपीओ, भिवानी।
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