भिवानी। नगर परिषद में पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य का चुनाव फिर टल गया है। चुनाव टालने के लिए मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पार्षदों के पहुंचना बताया जा रहा है, हालांकि इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। तीसरी बार चुनाव को टाले जाने से शहर में विकास कार्यों के करीब ढाई करोड़ से अधिक के भुगतान भी अटक गए हैं।
नगर परिषद के नए विकास कार्यों के मसौदों पर भी संकट छाया है। नगर परिषद के पास बजट उपलब्ध होने के बावजूद संबंधित एजेंसियों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। वहीं पार्षदों से भी अपने-अपने वार्डों में नए विकास कार्यों के मसौदे मांगे गए हैं।
भिवानी नगर परिषद में एक पार्षद को पेमेंट अप्रूवल कमेटी का सदस्य चुना जाना है, मगर सदस्य चुनाव पर ही दलगत राजनीति भी हावी हो रही है। कांग्रेस खेमे का प्रत्याशी चुनाव की दौड़ में सबसे आगे हैं, मगर बावजूद इसके नगर परिषद चुनाव की तारीख तय कर इसे लगातार तीसरी बार टालती आ रही है। हालांकि पिछले पांच माह के दौरान शहर में विकास कार्यों व कूड़ा निस्तारण, स्ट्रीट लाइट रखरखाव के करीब ढाई करोड़ से अधिक के भुगतान के बगैर बिल लंबित पड़े हैं।
नगर परिषद में सरकार की हिदायतों के अनुसार भुगतान पेमेंट अप्रूवल कमेटी के माध्यम से ही किया जाना है। इसमें चेयरमैन, वाइस चेयरमैन के अलावा एक चुनिंदा पार्षद का होना भी अनिवार्य है। इसी पार्षद के चुनाव पर राजनीतिक घमासान मचा है। ये चुनाव होने से पहले ही राजनीतिक खिचड़ी भी पक रही है। इसमें पार्षदों के खेमे को अपनी तरफ करने का जोड़तोड़ भी चल रहा है।
अभी पेमेंट अप्रूवल कमेटी सदस्य चुनाव की कोई तिथि निर्धारित नहीं की है। जल्द ही इस संबंध में हाउस की बैठक के लिए नया शेड्यूल जारी किया जाएगा।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।