भिवानी। लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण उल्टी, दस्त के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को चिकित्सक गर्मी से बचने के सुझाव दे रहे हैं। इसी के साथ जिला नागरिक अस्पताल में सोमवार को ओपीडी में बच्चों की संख्या दो सौ के करीब थी। इनमें खांसी, जुकाम, बुखार, उल्टी, दस्त, चक्कर आ जाने के मरीज आ रहे हैं। वहीं बच्चों के माता पिता को उनका विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।
जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ से ने बताया कि गर्मी के मौसम में बच्चों अभी ओपीडी में उल्टी दस्त से ग्रस्त रोगी आ रहे हैं। विशेषज्ञ ने बताया कि गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। इसका सीधा प्रभाव बच्चों पर पड़ रहा है। इससे बच्चे दस्त व उल्टी से ग्रस्त हो रहे हैं। चिकित्सक ने इसका मुख्य कारण फास्ट फूड खाना, साफ पानी न पीना बताया। शरीर में पानी की कमी होने से भी बच्चों में ये बीमारी हो रही है।
चिकित्सक ने बताया कि गर्मी के बढ़ने से बच्चों को चक्कर भी आ रहे हैं। ओपीडी में एक-दो बच्चा इससे ग्रस्त आ जाता है। अस्पताल में हर बच्चे को ओआरएस घोल के पैकेट भी दिए जा रहे। इससे बच्चे के शरीर में पानी की मात्रा पुरी रहे। वहीं चिकित्सक ने बताया कि स्कूलों में खेलते व प्रार्थना के समय बच्चों को चक्कर आ रहे हैं। चक्कर आने का मुख्य कारण बच्चों द्वारा स्कूल में जाने से पहले खाना न खाकर जाना बताया है। खाना न खाने की वजह से उनके शरीर में कमजोरी आ जाती है। इससे बच्चों को चक्कर आ रहे है। अब गर्मी बढ़ रही है और लू चलना भी शुरू हो गया है। ऐसे में लू से बचाने के लिए माता-पिता को बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
कोरोना के बाद लोगों की इम्युनिटी हुई कमजोर
अस्पताल की सामान्य ओपीडी में खांसी जुकाम, उल्टी, दस्त और रूटीन के बीपी शुगर, हृदय से संबंधित शिकायतों के मरीज आ रहे हैं। फिजिशियन यतिन गुप्ता ने बताया कि खांसी, जुकाम के मरीज इस मौसम में इसलिए आ रहे है। क्याेंकि कोरोना के बाद से लोगो की इम्युनिटी कमजोर हो गई है। जिस वजह से जो खांसी, जुकाम पहले दो से तीन दिन में ठीक होता था। वह अब एक सप्ताह में जाकर ठीक हो रहा है। जिसका मुख्य कारण दूषित पानी पीना है और अधिक ठंडी चीजों का सेवन करना है।
गर्मी से ऐसे करें बचाव:
- गर्मी से बचाव के लिए धूप में निकलने से परहेज करें।
- सूती वस्त्र पहनें।
- फास्ट फूड का सेवन न करें।
- हरी सब्जियों और फल का सेवन करें।
- ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं।
- घर पर बना हुआ पौष्टिक आहार लें।
- पानी की मात्रा कम न होने दें।
- बाहर की चीजें खाने से बचें।
- पानी को उबाल कर पीएं।
गर्मी के बढ़ने से बच्चों में पानी की मात्रा कम हो रही है। इससे बच्चे बीमार हो रहे है। वहीं दूषित पानी पीने से भी ये बीमारी हो रही है। जो भी मरीज अस्पताल में आता है उसका उचित उपचार किया जा रहा है। व मरीज के माता पिता को बच्चे का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।
-डॉ. रीटा सिसोदिया, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी