नागरिक अस्पताल में ओपीडी के गेट के बाहर बेसुध हालत में पड़ा मरिज।
भिवानी। नागरिक अस्पताल में स्टाफ की संवेदनहीनता के कारण एक मरीज की जान पर बन आई। वीरवार दोपहर ओपीडी के गेट के आगे ही यूपी के हरदोई जिला निवासी एक मरीज इलाज के लिए तड़पता रहा। अस्पताल स्टाफ मरीज को भर्ती करने के स्थान पर उसका पैन कार्ड और जरूरी दस्तावेज मांगता रहा। मरीज के साथ आए लोग चिकित्सक से भी गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी को दया नहीं आई।
दरअसल, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले एक व्यक्ति पंकज को ओपीडी में चेकअप के लिए लाया गया था। ओपीडी के गेट नंबर दो के आगे जमीन पर मरीज के साथ बैठे रंजीत और विकास ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। वो पुराना बस स्टैंड पर एक कॉलोनी में रहते हैं। वीरवार सुबह जिला नागरिक अस्पताल में उनके दोस्त पंकज का इलाज कराने आए थे। उनके दोस्त के हाथ पैर अकड़ गए थे। यहां आने के बाद इलाज तो नहीं मिला, लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें एक कमरे से दूसरे कमरे खूब घुमाया। इस बीच उनके दोस्त पंकज की तबीयत ज्यादा खराब हो गई और वह ओपीडी के गेट पर ही उल्टी करने लगा। इसके बाद भी कोई स्वास्थ्य कर्मचारी संभालने नहीं आया न ही कोई व्हीलचेयर मिली। जिस कारण मरीज को उन्होंने बाजू पर उठाया और ओपीडी के अंदर ले गए। ओपीडी के अंदर जाने के बाद उनसे मरीज का पैन कार्ड मांगा गया। कहा गया कि पैन कार्ड नहीं तो वापस जाओ। अनचाहे प्रश्नों से परेशान होकर मरीज को उसके दोस्त निजी अस्पताल ले गए, जहां मरीज को इलाज करवाया गया।
किसी भी मरीज के लिए पैन कार्ड अनिवार्य नहीं है। ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, अगर मरीज व उसके परिजन लिखित में कोई शिकायत देते हैं तो इस पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. दशरथ राव, कार्य वाहक प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।