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दूषित पानी दे रहा मर्ज, हर रोज अस्पताल पहुंच रहे 100 मरीज

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ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
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शहर की अधिकतर कॉलोनियों में हो रही दूषित पेयजलापूर्ति लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। पेट में इंफेक्शन, उल्टी-दस्त, पीलिया के मरीज बढ़ रहे हैं। औसतन 100 मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालांकि विभाग अब शहर की करीब 10 किलोमीटर पेयजल लाइन बदलने के अलावा करीब एक करोड़ से सीवरेज की सफाई कराने का प्लान बनाया है। लेकिन ये कार्य होने तक अनेक लोग पेट की बीमारियों में फंस चुके होंगे। विशेषज्ञों की माने तो पानी दूषित होने से इसमें आयोडीन की मात्रा बढ़ जाती है और पानी में नमक, चीनी की कमी हो जाती है। जिससे उल्टी, दस्त के मामले बढ़ रहे हैं।
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पिछले कुछ दिनों से शहर की अधिकतर कॉलोनियों के लोग दूषित पेयजलापूर्ति की समस्या से परेशान हैं। अनेक जगह तो लीकेज के कारण सीवर का गंदा पानी मिक्स पानी सप्लाई हो रहा है। अधिकारियों ने जांच की तो अनेक क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह ठप है। जिस कारण सीवर का गंदा पानी गलियों, सड़कों तक पर फैल रहा है। यही गंदा पानी लीकेज के माध्यम से पेयजल लाइन में जाता है और फिर सप्लाई के समय घरों में सप्लाई होता है। दो रोज पूर्व हनुमान ढाणी क्षेत्र में लीकेज के कारण करीब ढाई किलोमीटर पेयजल लाइन में गंदा पानी जा रहा था। अकेले इस क्षेत्र के करीब एक लाख लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। शहर ही नहीं पॉश कॉलोनियां सेक्टर 13, 23, विजय नगर, जगत कॉलोनी के लोग भी गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। दूषित पेयजलापूर्ति का सीधा असर लोगों खासकर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है और औसतन 80 से एक सौ मरीज उपचार के लिए सामान्य अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। सामान्य अस्पताल के साथ ही निजी अस्पतालों में भी मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
दूषित पानी से होने वाली बीमारियां
- उल्टी
- दस्त
- हैजा
- डायरिया
- पीलिया
- टाइफाइड
क्या कहते हैं लोग :
पानी की समस्या कई साल से बनी हुई है। पहले ही पानी कम आता है और आता है तो दूषित पानी आता है। अक्सर गांव में पानी की समस्या का सामना करना पड़ा है। अभी तक इसका कोई समाधान नहीं हुआ है।
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- रेशमा देवी, रानिला
गांव में बोरवेल का पीने योग्य नहीं है। जिसके कारण जलघर में पानी को फिल्टर करके ही सप्लाई किया जाता है। बोरवेल के पानी को गर्म करने ही पीने योग्य बनाया जाता है।
- मुरारीलाल, हालवास निवासी
कॉलोनी में सप्लाई का पानी आता है। शुरू में पांच से दस मिनट बहुत ही दूषित पानी आता है। जिसको प्रयोग नहीं किया जा सकता। जब सप्लाई का पानी आता है तो दस मिनट बाद ही पीने और अन्य प्रयोग के लिए जमा करते है। दूषित पानी के कारण उनके यहां बीमारी फैल रही है।
- राजीव कुमार, हनुमान गेट
दूषित पानी के कारण पेट की बीमारी ज्यादा बढ़ती है। ऐसे में मरीज को एक लिटर गर्म पानी में एक पैकेट ओआरएस का घोल मिलकर पानी चाहिए। अगर फिर भी समाधान न हो तो चिकित्सक से परामर्श लें। समय पर इलाज न होने के कारण रोटा वायरस जैसे गंभीर बीमारी होने का खतरा भी रहता है। पानी को गर्म करके ही पाना चाहिए।
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- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, कार्यकारी पीएमओ, जिला सामान्य अस्पताल
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