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Bhiwani News: बीमार गायों को नंदीशाला में रखने के आदेश

Sat, 28 Sep 2024 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। नगर परिषद ने श्राद्ध अमावस्या पर बीमार गायों को नंदीशाला में रखने के आदेश दिए हैं। इसको लेकर नंदीशाला का संचालन करने वाली नंदीशाला सेवा दल समिति का कहना है कि यहां पहले से बीमार गोवंश के लिए इलाज की व्यवस्था कराए।
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दरअसल, श्राद्ध अमावस्या पर शहरभर में तला हुआ भोजन खिलाए जाने से गाय बीमार होती हैं और इसी वजह से उनकी मौत भी होती है। गो रक्षा दल भिवानी पहले ही जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दे चुका है कि तला हुआ भोजन खिलाने से किसी गाय की मौत होती है तो प्रशासन उसका जिम्मेदार होगा। इसी को लेकर नगर परिषद श्राद्ध अमावस्या से पहले दिन ही शहरभर में अस्थायी बाड़ों का प्रबंध कराएगा। इसके अंदर लावारिस गायों को रखा जाएगा। वहीं अन्य गोशालाओं में भी इनके अस्थायी प्रबंध की व्यवस्था कराई जाएगी।
दरअसल, नगर परिषद की भूमि पर नंदीशाला का संचालन नंदीशाला सेवा समिति की तरफ से किया जा रहा है। हाल ही में नगर परिषद की नंदीशाला को गो सेवा आयोग ने पंजीकृत भी कर दिया है, लेकिन अभी तक नंदीशाला को ग्रांट नहीं मिली है। फिलहाल नंदीशाला का संचालन चंदा देने वाले दानवीरों के सहारे ही चल रहा है।
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नगर परिषद की ओर से बीमार गोवंश व लावारिस पशुओं को नंदीशाला में रखने का आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के बाद नंदीशाला सेवा समिति ने भी नगर परिषद से अनुरोध किया है कि यहां बीमार गोवंश के लिए पर्याप्त जगह और व्यवस्था नहीं है। पहले यहां बीमार गोवंश के लिए अलग-अलग बाड़े बनाए जाएं और दवाई और चिकित्सक का भी स्थायी प्रबंध कराया जाए।
नंदीशाला में फिलहाल 650 गोवंश हैं। इसके अलावा यहां बाहर से लावारिस बीमार पशु आते हैं तो व्यवस्था बिगड़ जाएगी। क्योंकि यहां नगर परिषद के सिर्फ चार कर्मचारी ही तैनात हैं, जिसमें एक कर्मचारी तो छुट्टी पर ही रहता है। यहां बीमार गोवंश के उपचार के लिए दवाइयों पर ही संस्था करीब 15 हजार रुपये का बजट खर्च कर रही है। ऐसे में अगर शहर से गंभीर हालत में लावारिस पशु आएंगे तो व्यवस्था के अभाव में उनके दम तोड़ने की संभावनाएं बनी रहेगी।
नंदीशाला सेवा समिति की ओर से नगर परिषद की नंदीशाला का रखरखाव पिछले कई सालों से किया जा रहा है। संस्था यहां के नंदियों के लिए चारे और उपचार की व्यवस्था फिलहाल खुद ही करा रही है। हाल ही में नंदीशाला को गो सेवा आयोग ने पंजीकृत कर दिया है। लेकिन अभी तक ग्रांट नहीं आई है। नगर परिषद ने शहर भर से यहां बीमार पशुओं को छोड़ने का आदेश जारी किया है। संस्था के पदाधिकारियों का अनुरोध है कि इसके लिए यहां उचित व्यवस्था नगर परिषद कराए ताकि उनका नियमित उपचार और रखरखाव संभव हो सके। यहां कर्मचारियों की पहले से कमी है, चिकित्सक व दवाइयां भी नहीं हैं।
-अमित बंसल, सदस्य, नंदीशाला सेवा समिति भिवानी।
नगर परिषद की ओर से श्राद्ध अमावस्या पर शह भर से लावारिस गायों को नंदीशाला व अन्य गोशालाओं में रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा गो रक्षा दल के साथ मिलकर नगर परिषद शहर के विभिन्न हिस्सों में श्राद्ध अमावस्या पर गायों को रखने के लिए अस्थायी बाड़े भी बनाए जाएंगे। वहीं शहरवासियों से भी अनुरोध किया जा रहा है कि वे अपनी पालतु गायों को खुला न छोड़ें। तला हुआ भोजन खिलाने से गाय बीमार हो जाती हैं, इसलिए नगर परिषद ये व्यवस्था करने जा रही है।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।
गो रक्षा दल भिवानी की टीम श्राद्ध अमावस्या पर शहर भर में करीब 15 से 20 अस्थायी बाड़े लगाएगी। इसके अंदर आसपास की लावारिस गायों को रखा जाएगा। जहां लोग अपने पितृ तृप्ति के लिए भोजन को एक पात्र के अंदर डाल सकेंगे। इसके बाद इस भोजन को पकाकर हरे चारे के साथ गायों को खिलाया जाएगा। इस बार गो रक्षा दल ने जिला प्रशासन और नगर परिषद को भी अल्टीमेटम दिया है कि एक भी गाय की मौत तला हुआ भोजन खिलाने से नहीं होनी चाहिए। इसके लिए समय रहते प्रबंध और व्यवस्था करे। गो रक्षा दल की पूरी टीम पूरी निष्ठा से काम करने के लिए तत्पर है।
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- संजय परमार, अध्यक्ष, गो रक्षा दल भिवानी।
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