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Bhiwani News: दिल्ली-एनलसीआर में ग्रेप तीसरे चरण के आदेश हुए निरस्त, अब खानक में जल्द शुरू होगा खनन

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खानक में बंद पड़ा क्रॅशर। संवाद - फोटो : Bhiwani
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तोशाम (भिवानी)। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चरण तीन (गंभीर वायु गुणवत्ता) के तहत लागू आदेशों को निरस्त कर दिया है। इसके बाद अब खानक में खनन कार्य शुरू हो सकता है।
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आदेशों में हवा में प्रदूषण स्तर को नियंत्रण स्थिति में रखने के लिए क्रियान्वयन एजेंसियों को विशेष निगरानी के आदेश दिए गए हैं। इसमें सड़कों पर सफाई, पानी के छिड़काव आदि व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। मालूम हो कि वायु प्रदूषण के चलते खनन पर पाबंदी के बाद क्रॅशर इकाइयां बंद होने से भवन निर्माण सामग्री का भाव तीन सौ रुपये प्रति टन तक बढ़ गए हैं। क्रॅशर व रोड़ी 600 रुपये प्रति टन के हिसाब से मिलने वाला क्रॅशर अब 900 रुपये प्रति टन के हिसाब से मिलने लगा है। क्रॅशर इकाइयों पर क्रेशर रोड़ी का स्टॉक खत्म हो चुका है। यहां तक कि निर्माण कार्यों के लिए खानक की उच्च क्वालिटी की क्रॅशर व रोड़ी नहीं मिल रही है।
भवन निर्माण के लिए राजस्थान से क्रॅशर-रोड़ी मंगवाने के लिए बाध्य हो गए हैं। इससे मकान व अन्य निर्माण कार्य करने वालों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। वहीं ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चरण तीन (गंभीर वायु गुणवत्ता) के तहत एनसीआर में लागू आदेशों को निरस्त किए जाने के बाद एक बार फिर खानक पहाड़ में खनन शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। करीब एक माह से खनन कार्य बंद पड़ा है। इसकी वजह से भवन निर्माण सामग्री का संकट बना है।
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हमारे पास बुधवार देर शाम को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चरण तीन के तहत एनसीआर में लागू आदेशों को निरस्त किए जाने के आदेशों की सूचना पहुंची है। इसके बाद खानक में खनन कार्य शुरू हो पाएगा। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है।
- आरके भौंसले, एसडीओ, जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय, भिवानी।
इन नियमों की पालना होगी जरूरी
ग्रेप चरण तीन को निरस्त कर दिया गया है। ग्रेप के चरण-प्रथम से चरण-द्वितीय के तहत कार्रवाई लागू रहेगी और सभी एजेंसियों की ओर से क्रियान्वयन, निगरानी और समीक्षा की जाएगी। ताकि एनसीआर में एक्यूआई का स्तर गंभीर श्रेणी में न आए। ग्रेप के प्रथम और द्वितीय चरण के तहत सड़कों की दैनिक यांत्रिक/ वैक्यूम आधारित सफाई, संवेदनशील क्षेत्रों में सड़कों पर पानी छिड़काव सुनिश्चित करने के आदेश हैं। इसके अलावा धूल नियंत्रण उपायों का नियमित निरीक्षण और सख्त प्रवर्तन, होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों में तंदूर सहित कोयला/ जलाऊ लकड़ी की अनुमति नहीं रहेगी। केवल बिजली/ स्वच्छ ईंधन गैस आधारित उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। निजी परिवहन को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क में वृद्धि और आपातकालीन व आवश्यक सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के दिशा- निर्देश हैं।
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