दिवाली से अगले दिन सोमवार को दुकानदारों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। दुकानों के आगे सूखे कचरे की ढेरी बनाकर आग लगा डाली। शहर में करीब 150 से अधिक जगहों पर कूड़े के ढेर जले। सफाई कर्मचारी भी छुट्टी पर रहे, जिसकी वजह से शहर के अंदर कचरे के ढेर लगे। दिवाली पर देर रात तक पटाखे जलाए जाने से सोमवार सुबह गली मोहल्लों में पटाखों के अवशेषों का कचरा भी फेला। इसे लोगों ने समेटकर फिर से इसके अंदर आग लगा डाली। दिवाली पर घरों से निकले कूड़े को भी आग लगाई गई।
न्यायालय के आदेश के बाद भिवानी जिलाधीश ने पटाखा बिक्री पर पाबंदी लगा दी और हवा में बढ़े प्रदूषण को देखते हुए स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की छुट्टी कर डाली। प्रशासन ने सिर्फ दो घंटे ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति आठ से रात 10 बजे तक दी थी। मगर ग्रीन पटाखा को छोड़ शहर में अवैध रूप से घातक आवाज वाले प्रतिबंधित पटाखों की न केवल धड़ल्ले से बिक्री हुई, बल्कि रात 12 बजे तक भी लोग पटाखे जलाने से हवा में जहरीला धुआं खोलते रहे।
त्योहार पर शहर में फिर बन गए 55 से अधिक जगहों पर अस्थायी डंपिंग प्वाइंट
नगर परिषद ने शहर से डंपिंग प्वाइंट कम करने और अस्थायी जगहों से डंपिंग प्वाइंट समाप्त करने का दावा किया था, मगर त्योहार में फिर से शहर के अंदर करीब 55 जगहों पर अस्थायी डंपिंग प्वाइंट बन गए। इन जगहों पर त्योहार के बाद कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिन्हें उठाने वाला भी कोई नहीं पहुंच रहा है। ज्यादातर सूखे कचरे का जलाकर ही निस्तारण किया जा रहा है, क्योंकि जो कूड़ा उठाया नहीं जा रहा है, उसे जलाया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस पर भी नहीं सुधरे हालात
जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से भिवानी नगर परिषद को शहर में कूड़ा जलाए जाने और ठोस कूड़े का सही से निस्तारण नहीं किए जाने पर नोटिस जारी किया हुआ है। इस नोटिस में व्यवस्था सुधार नहीं होने तक एक लाख रुपये प्रति माह जुर्माना वसूले जाने की भी चेतावनी है। लेकिन नोटिस का नगर परिषद अधिकारियों की सेहत पर कोई असर नहीं हुआ। यही वजह रही कि शहर कूड़े से जल रहा है, अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से भिवानी नगर परिषद को ठोस कचरा निस्तारण नहीं होने और शहर में कूड़ा जलाए जाने से संबंधित नोटिस जारी किया है। ये नोटिस 15 दिन की अवधि का है। इस दौरान नगर परिषद अधिकारी अपना पक्ष रखते हुए व्यवस्था सुधार में क्या कदम उठाए हैं, इसकी जानकारी देंगे। अगर इस अवधि के बाद निरीक्षण में व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं मिलती हैं तो फिर इस संबंध में ग्रेप के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई कराई जाएगी। शहर में कई जगह कूड़े के ढेर लोग जला रहे हैं, जिन पर नगर परिषद द्वारा कार्रवाई की जानी हैं।
-कपिल सिंह, एसडीओ जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भिवानी।