भिवानी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मतदाता सूची से मृतकों के वोट की जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित बीएलओ मौके पर निरीक्षण कर इसकी रिपोर्ट भी तीन दिन के अंदर प्रशासन को देंगे।
दरअसल, पूर्व जिला पार्षद ईश्वर मान ने जिला निर्वाचन अधिकारी एवं चुनाव आयोग के समक्ष मतदाता सूची में पिछले दस सालों से मृतकों के वोट नहीं हटाए जाने की शिकायत दी थी। ईश्वर मान ने बाकायदा फोटो युक्त मतदाता सूची में मृतक मतदाताओं को चिह्नित भी किया। जिन्हें अब भी मतदाता सूची में शामिल किया हुआ है।
पूर्व जिला पार्षद ईश्वर मान ने प्रशासन को दी शिकायत में भिवानी विधानसभा के बूथ नंबर 52 की सूची सौंपी थी, जिसमें ढाणा रोड दादरी गेट क्षेत्र का इलाका शामिल किया गया था। इस इलाके में दस साल के अंतराल में 70 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि कुछ लड़कियां शादीशुदा हो चुकी थीं और कुछ मतदाता यहां से शिफ्ट हो चुके थे। लेकिन इसके बावजूद उनका नाम अब भी सूची में बरकरार रखा हुआ था।
इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम को आदेश जारी किए हैं, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि संबंधित बीएलओ मतदाता सूची में मृतक मतदाताओं के नामों की मौके पर पहुंचकर वेरिफिकेशन करेंगे और इसकी तीन दिन में रिपोर्ट भी जिला निर्वाचन अधिकारी को सौंपेंगे।
शहरी दायरे में ही 15,000 मतदाता नहीं हैं सूची में अपडेट : ईश्वर मान
पूर्व जिला पार्षद ईश्वर मान ने बताया कि शहरी दायरे में करीब 15,000 ऐसे मतदाता हैं जिनमें अधिकांश की मृत्यु हो चुकी है। वहीं, कई मतदाता यहां से दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके हैं और जिन लड़कियों के यहां वोट बने हैं, वे शादीशुदा हो चुकी हैं। जिला चुनाव कार्यालय की ओर से दो अगस्त को मतदाता सूची का प्रकाशन किया था। इसके बाद दावे आपत्ति दर्ज हुए थे। इसके बाद फिर से 27 अगस्त को मतदाता सूची अपडेट की गई, लेकिन मृतक मतदाताओं के पहले सूची में शामिल नाम नई सूची में भी यथावत दर्ज किए गए, जिन्हें अब तक नहीं हटाया गया है।