भिवानी/बहल/लोहारू। बहल क्षेत्र के बिठन गांव में पड़ाव डाले बैठी टिड्डी दल को घेरने के लिए कृषि विभाग ने शनिवार रात को ऑपरेशन क्लीन अभियान चलाया। रात के अंधेरे में 12 फायर ब्रिगेड और 40 ट्रैक्टरों से करीब साढ़े छह घंटे तक चलाए गए अभियान में करीब 100 एकड़ क्षेत्र में फैले टिड्डी दल को 70 प्रतिशत तक ही खत्म किया जा सका। अभियान में बारिश के कारण भी व्यवधान आया। अभियान का निरीक्षण करने के लिए आधी रात को कृषि मंत्री जेपी दलाल भी मौके पर मौजूद रहे।
शनिवार शाम को लोहारू के गांव ढाणा जोगी, नकीपुर, पहाड़ी, दमकौरा, बरालू सहित अन्य गांवों से होता हुआ टिड्डी दल बहल क्षेत्र के गांव चैहड़ कलां, चैहड़ खुर्द, नांगल, पाजू, बिठन गांव में पहुंचा था। कृषि विभाग ने किसानों को अलर्ट करने के अलावा रात को टिड्डी दल को खत्म करने के लिए पूरे इंतजाम किए थे। कृषि अधिकारियों की निगाहें इस बात पर थी कि रात को टिड्डी दल का ठहराव किस जगह पर रहेगा। जैसे जैसे रात हुई तो टिड्डी दल ने बिठन से चैहड़ खुर्द के बीच बणी और इसके पास के खेतों में अपना पड़ाव डाला। टिड्डी दल के ठहराव होने के बाद रात को करीब 11.30 बजे कृषि विभाग ने ऑपरेशन क्लीन शुरू किया। इधर, कृषि मंत्री जेपी दलाल भी रात को करीब 12 बजे प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे।
विभाग ने सुबह छह बजे तक करीब साढ़े छह घंटे तक लगातार टिड्डियों पर दवा का छिड़काव जारी रखा। विभाग ने दावा किया कि ऑपरेशन क्लीन में करीब 70 प्रतिशत तक टिड्डियों का सफाया हो गया। बाद में बारिश ने ऑपरेशन में व्यवधान डाला और शेष टिड्डियों को खत्म नहीं किया जा सका। वहीं, अधिकारियों की माने तो ऑपरेशन के बाद अब हालात नियंत्रण में हैं और प्रभावित क्षेत्र में टिड्डी दल नहीं बचा है। दल से भटक कर अलग-अलग जगह पर कुछ टिड्डियां मौजूद हैं, जिसमें अधिकतर तो दवा के प्रभाव से बेहोशी की हालत में हैं।
12 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और 40 ट्रैक्टर रहे अभियान में शामिल
शनिवार रात को कृषि विभाग ने टिड्डी दल का सफाया करने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। विभाग ने विभिन्न जगहों से 12 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर बुलाई थीं ताकि दवा मिले पानी की तेज बौछारों से शीघ्रता से और ज्यादा दूरी तक टिड्डी दल पर मार की जा सके। इसके अलावा विभाग ने गांवों से किसानों से स्प्रे की टंकी लगे 40 ट्रैक्टर मौके पर बुलाए थे। ट्रैक्टरों की मदद से बिठन व चैहड़ खुर्द गांव के बीच रास्ते पर बणी में पेड़ों पर बैठी टिड्डियों पर रातभर दवा का छिड़काव किया।
खेतों के पेड़ों पर अभी मौजूद हैं टिड्डियां
कृषि विभाग के अभियान में जो टिड्डी दल बणी में पेड़ों पर पड़ाव डाले बैठी थीं, वो पूरी तरह से खत्म हो र्गइं। जिन टिड्डियों ने खेतों में लगे पेड़ों पर आश्रय लिया था, वो अभियान की चोट से बच गईं। विभाग इसी बात से चिंतित है कि अब उन टिड्डियों को खत्म कैसे किया जाए, क्योंकि खेतों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का जाना संभव नहीं है। वहीं जिन टिड्डियों पर सुबह दवा का स्प्रे किया जाना था, वो भी बारिश आने की वजह से खत्म नहीं की जा सकीं।
चार सेक्टर में बांटकर चलाया अभियान, 260 लीटर दवा का किया छिड़काव
शनिवार रात को करीब साढ़े छह घंटे चलाए गए अभियान के लिए कृषि विभाग ने पूरे क्षेत्र को चार सेक्टर में विभाजित किया था। टिड्डी दल को खत्म करने के लिए करीब सवा लाख लीटर पानी में 260 लीटर दवा का प्रयोग किया।
हरियाणा के चार पांच जिलों में राजस्थान की ओर से टिड्डी दल ने हमला किया है। वहीं भिवानी के लोहारू क्षेत्र के गांव बिठन, चहड़, सेहर में भी टिड्डियों के बड़े दल का हमला हुआ है। आसपास के जिलों की एक दर्जन दमकल गाड़ियां बुलाई गई हैं। दवाई छिड़ककर टिड्डियों का सफाया किया जाएगा। टिड्डियों का एक दल ऐलनाबाद में, एक नूंह व एक दादरी जिले में हैं। इस बार पूरे साल इन टिड्डियों का प्रकोप रहेगा, किसानों का सहयोग मिल रहा है। - जयप्रकाश दलाल, कृषि मंत्री।
बिठन गांव में टिड्डी दल करीब चार गुणा दो किलोमीटर आकार का था। उसे नष्ट करने के लिए एक दर्जन दमकल गाड़ियों और किसानों के करीब 40 ट्रैक्टरों के सहारे ऑपरेशन टिड्डी कंट्रोल चलाया था। सुबह करीब छह बजे तक चले इस अभियान के बाद करीब 70 फीसदी टिड्डियों को मार गिराया है। इस ऑपरेशन के दौरान करीब सवा लाख लीटर पानी और 260 लीटर क्लोफायरीफोस दवाई का इस्तेमाल किया गया। - चंद्रभान श्योराण, कृषि अधिकारी।