बहल। सरकार द्वारा कपास पर आयात ड्यूटी खत्म किए जाने के फैसले का किसानों ने जोरदार विरोध किया है। किसानों का कहना है कि इस कदम से कपास उत्पादक किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। विदेशी कपास आयात फ्री होने से देश में कपास की मांग टूट जाएगी और बाजार में रेटों में भारी गिरावट आना तय है। किसानों ने सरकार से तुरंत प्रभाव से यह निर्णय वापस लेने की मांग की है।
किसान नेता महावीर चहल गोकलपुरा ने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार ने कपास के आयात पर लगी कस्टम ड्यूटी खत्म करने का एलान किया है। इससे बड़े मिल मालिक विदेशी कपास का स्टॉक कर लेंगे जबकि इस समय देश के किसान की फसल खेतों में खड़ी है। ऐसे में जब तक किसान की फसल बाजार में पहुंचेगी, उससे पहले ही कपास की मांग खत्म हो जाएगी और किसान को उचित भाव नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि कपास उत्पादक किसान पहले से ही संकटों से जूझ रहे हैं। कभी उन्हें नकली बीज मिला, तो कभी नकली खाद से आर्थिक चोट लगी। इसके बाद कीटों के हमले और नकली दवाइयों से भी किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अब सरकार ने विदेशी आयात पर ड्यूटी हटाने का फैसला लेकर किसान की बर्बादी तय कर दी है।