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Bhiwani News: निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद, नागरिक अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़

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नागरिक अस्पताल की ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में आईएमए के आह्वान पर सोमवार को जिले के अधिकतर निजी अस्पतालों की ओपीडी व आपातकालीन सेवाएं बंद रही। इसके कारण नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लग गई। 1500 से अधिक मरीज जांच करवाने पहुंचे, जिसमें फिजिशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में जांच करवाने ज्यादातर मरीज आएं। जांच करवाने पहुंचे मरीजों व उनके तीमारदारों के स्वास्थ्यकर्मियों के साथ तीखी नोंक-झोंक भी हुई। वहीं, अस्पताल की ओपीडी और आपातकालीन विभाग में व्यवस्था बनाने में स्वास्थ्यकर्मियों के पसीने छूट गए।
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दरअसल, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सोमवार को पूूरे प्रदेश के निजी अस्पतालों की ओपीडी व आपातकालीन सेवाएं बंद रखने का फैसला लिया था। इसकी वजह से जिले के भी अधिकतर निजी अस्पतालों की ओपीडी व आपातकालीन सेवाएं बंद रही। ऐसे में नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी और पीएचसी में भी काफी संख्या में मरीज जांच करवाने पहुंचे। नागरिक अस्पताल में जांच करवाने के लिए मरीजों को चार से पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ा। हड़ताल के कारण नागरिक अस्पताल में अन्य दिनों की तुलना में 400 मरीज अधिक पहुंचे। वहीं, अधिक भीड़ होने के कारण कुछ मरीज तो बिना उपचार करवाए ही वापस घर लौट गए।
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चेकअप स्लिप विंडो और दवा की खिड़की में उलझे मरीज
अस्पताल की ओपीडी में चेकअप स्लिप बनवाने के लिए आए मरीजों की विंडो पर कर्मचारियों के साथ काफी बहस हुई। हर कोई अपना नंबर पहले लगवाने के लिए जल्दबाजी कर रहा था और अब कर्मचारियों ने विरोध किया तो उनके साथ कहासुनी हो गई। वहीं, दवा लेने के लिए खिड़की पर आए मरीजों के तीमारदार भी आपस में ही उलझे नजर आएं। कोई बुजुर्गों की लाइन तो कोई स्टाफ की लाइन में लगकर दवा लेता नजर आया।
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कई दिनों से आंख में दिक्कत है जिसकी जांच करवाने अस्पताल में आया हूं। निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद होने के कारण नागरिक अस्पताल में अधिक मरीज आए है। सुबह नौ बजे से लाइन में लगा हूं और अब दोपहर का एक बज गया है मगर अभी तक नंबर नहीं आया।
- ईश्वर, सुल्तानपुर।
फोटो: 02
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मेरी पत्नी बिमला को छाती में कई दिनों से दर्द है। जांच करवाने के लिए अस्पताल में आएं, जहां फिजिशियन की ओपीडी में 150 से अधिक मरीज पहले की लाइन में लगे मिले। करीब चार घंटे बाद जांच करवाई और अब चिकित्सक ने कुछ टेस्ट का परामर्श दिया है। महज कुछ मिनट के काम के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों की हड़ताल ने मरीजों का दर्द बढ़ा दिया है।
- धर्मपाल, सीटी स्टेशन क्षेत्र।
फोटो: 03
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अस्पताल की ओपीडी और आपातकालीन विभाग में चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ तैनात है। अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए कार्य कर रहे है। मरीजों को ओपीडी, लैब, दवा सहित किसी भी सुविधा में कोई दिक्कत नहीं आने दी।
- डॉ. एडविन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।
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सरकार ने बॉन्ड पॉलिसी लगाकर मेडिकल स्टूडेंट के विद्यार्थियों पर नाजायज बोझ डाला है। एसोसिएशन मेडिकल स्टूडेंट के साथ है। सोमवार को निजी अस्पताल की ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं बंद रही। आगे जो भी एसोसिएशन का फैसला होगा उसे पर अमल किया जाएगा।
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- डॉ. करन पूनिया, निवर्तमान राज्य प्रधान, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हरियाणा।
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