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Bhiwani News: महिला व बाल विकास विभाग से मात्र दस प्ले स्कूलों को मान्यता, जिले में चल रहे 250 अवैध प्ले स्कूल

Thu, 28 Mar 2024 02:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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भिवानी। महिला एवं बाल विकास विभाग और प्रशासन की नाक तले धड़ल्ले से जिले भर में 250 से अधिक प्ले स्कूल रिहायशी इलाकों में मकानों के अंदर चल रहे हैं। सबसे अहम बात तो यह है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के रिकॉर्ड में मात्र दस प्ले वे स्कूल हैं, जिन्होंने पिछले साल तक मान्यता ली थी, लेकिन इस साल सिर्फ दो स्कूलों ने ही प्ले वे की मान्यता लेने के फिर से आवेदन किए हैं।
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इतना ही नहीं भिवानी खंड के अंदर भी 37 बिना मान्यता व प्ले स्कूलों की पहचान की जा चुकी है। जिसकी सूची भी खंड शिक्षा अधिकारी ने तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी है। बिना मान्यता वाले स्कूलों को भी दो दिन का शाॅर्ट नोटिस जारी कर मान्यता संबंधी दस्तावेजों के साथ तलब कर दिया है, जिसके बाद इन पर तालाबंदी और कार्रवाई शुरू हो जाएगी। प्ले स्कूलों के खेल में मान्यता प्राप्त निजी स्कूल भी कुछ कम नहीं हैं, इनके अंदर भी बिना किसी अनुमति के प्ले विंग चल रही हैं, जबकि नियम के अनुसार प्ले स्कूल के लिए अलग से मानक तय किए गए हैं। जिसमें हर साल नए सिरे से प्ले स्कूल की मान्यता भी महिला एवं बाल विकास विभाग से अनिवार्य है।
भिवानी जिले के सात खंडों में करीब ढाई सौ से अधिक प्ले स्कूल नियमों को ठेंगा दिखाकर धड़ल्ले से रिहायशी मकानों के अंदर चलाए जा रहे हैं। गली मोहल्लों के अंदर खुले इन स्कूलों में प्री नर्सरी से दूसरी कक्षा तक के दाखिले भी किए जा रहे हैं। अभिभावकों को झांसा देने के लिए मान्यता संबंधी सूचनाएं भी लगाई हैं, मगर महिला एवं बाल विकास विभाग के रिकॉर्ड में पिछले साल की मान्यता वाले सिर्फ दस प्ले स्कूल ही दर्ज हैं। हालांकि शिक्षा विभाग जिले भर में चल रहे बिना मान्यता के स्कूलों के साथ प्ले स्कूलों के नाम से चलाए जा रहे निजी स्कूलों की भी पहचान कर इनका निरीक्षण उपरांत सूची तैयार कर चुका है। खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से तैयार की गई सूची में अधिकांश बिना मान्यता के निजी स्कूलों ने कार्रवाई से बचने के लिए नाम के आगे प्ले स्कूल जोड़ दिया है, मगर प्ले स्कूलों के मानक तो बहुत कड़े हैं। बिना मान्यता के ये स्कूल न तो महिला एवं बाल विकास के रिकॉर्ड में है न ही शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज हैं। अकेले भिवानी खंड के अंदर 37 ऐसे स्कूलों की पहचान हो गई है, जिनके पास कोई मान्यता या सम्बद्धता नहीं है। संवाद
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सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ सकती है भारी
प्ले स्कूलों के लिए सबसे अहम तो फायर एनओसी अनिवार्य है। इसके अलावा बच्चों के लिए सुरक्षित भवन का ढांचा होना भी जरूरी है। प्ले स्कूल का भवन किसी भी बड़े स्कूल से बिलकुल अलग होना जरूरी है। इसके अंदर महिला एवं बाल विकास विभाग ने कई सुरक्षा मानक भी तय किए हैं जिनकी हिदायतें भी ऑनलाइन विभाग की वेबसाइट पर जारी की गई हैं। इन मानकों का निर्धारित कमेटी के निरीक्षण उपरांत ही एक साल के लिए प्ले स्कूल की मान्यता महिला एवं बाल विकास की ओर से दी जाती है। इस मान्यता को अगले साल फिर से मानकों की जांच उपरांत दोबारा विभाग द्वारा जारी किया जाता है।
भिवानी खंड के अंदर 37 बिना मान्यता प्राप्त निजी व प्ले स्कूलों के नाम से स्कूल चलाए जा रहे हैं। इनके नामों की सूची जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष भेजी जा चुकी है वहीं इन स्कूलों को भी नोटिस जारी कर दो दिन के अंदर खंड कार्यालय में अपने मान्यता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं करने पर इन स्कूलों मेंं नए दाखिले करने पर रोक लगा दी जाएगी और विभागीय नियमों के अनुसार इन पर कार्रवाई होगी।
-शिवकुमार तंवर खंड शिक्षा अधिकारी भिवानी।
महिला एवं बाल विकास विभाग से हर साल प्राइवेट प्ले स्कूल संचालन के लिए मान्यता अनिवार्य की गई है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की हिदायतों के अनुसार मानक भी तय किए हैं। बिना मान्यता के प्ले स्कूल का संचालन अवैध हैं, इस पर विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई का भी प्रावधान है। फिलहाल जिले भर में केवल दस प्राइवेट प्ले स्कूलों की ही मान्यता है।
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-संदीप कुमार, बाल संरक्षण अधिकारी भिवानी।
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