भिवानी। मंत्री मंडल द्वारा पारित 2016 की ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी शिक्षा विभाग के कर्मियों के गले की फांस बन चुकी है। सरकार और अफसरशाही पिछले नौ सालों से इस पॉलिसी का गुणगान करती रही लेकिन जो कर्मचारी इसका शिकार हुआ, उसे कोर्ट के चक्कर काटने के बावजूद न्याय नहीं मिल पाया।
हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेश लांबा, जिला प्रधान सुकेश कुमार, सचिव कृष्ण रूपाणा, वरिष्ठ उपप्रधान कमल चंद्र सरोहा और राज्य सचिव सुमन रानी ने बताया कि शिक्षा विभाग ने फील्ड मिनिस्ट्रीयल स्टाफ कर्मियों पर जबरन टीचर ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी थोपकर पांच साल पहले क्लर्कों को दूर-दराज स्थानों पर बदल दिया।
कर्मियों का आरोप है कि सरकार और अफसरशाही ने आश्वासन दिया कि समस्या का समाधान किया जाएगा, फिर कहा कि ट्रांसफर ड्राइव चलाया जाएगा लेकिन शिक्षा मंत्री, एसीएस और डायरेक्टर लगातार झूठे आश्वासन देकर कर्मियों को गुमराह करते रहे। अब मामूली वेतन प्राप्त क्लर्कों का धैर्य जवाब दे गया है। कर्मियों ने बताया कि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के नाम पर मिडिल स्कूलों में पोस्ट कैप कर ली गई, और पदोन्नति के बाद भी स्टेशन अलॉट करते समय अफसरशाही मनमानी कर रही है।
इसलिए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर 23 सितंबर को राज्य भर में डीसी दफ्तरों पर पड़ाव डाले जाएंगे, जिसमें शिक्षा विभाग में काम करने वाले मिनिस्ट्रीयल स्टाफ भी बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। इसके अलावा, 17 और 18 सितंबर को सभी ब्लॉकों में कार्यकर्ताओं के कन्वेंशन आयोजित किए जाएंगे ताकि व्यापक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके।