भिवानी। गांव ढांगर निवासी 25 वर्षीय मोनिका शर्मा ने वर्ष 2012 में करंट लगने की एक दुर्घटना में अपना एक हाथ गंवा दिया था लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। मोनिका ने अपनी कमजोरी को ताकत में बदला और शूटिंग जैसे चुनौतीपूर्ण खेल में कदम रखकर आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहरा रही हैं। हाल ही में 1 से 10 जुलाई तक करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित 10वीं हरियाणा पैरा शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने राइफल इवेंट में दो स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।
किसान परिवार की बेटी मोनिका ने गांव की गलियों से निकलकर शूटिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। वे शूटिंग विश्व कप में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं साथ ही तैराकी में भी राष्ट्रीय स्तर तक पदक जीत चुकी हैं। संवाद
हादसे के बाद भी नहीं टूटी मोनिका की हिम्मत
मोनिका ने बताया कि जब वह दसवीं कक्षा में थी तब घर के काम के दौरान उनका हाथ बिजली के तार से टकरा गया, जिससे करंट लगने के बाद चिकित्सकों को उनका एक हाथ काटना पड़ा। इसके बावजूद मोनिका ने हार नहीं मानी। वर्ष 2022 में उन्होंने राजीव गांधी महाविद्यालय में दाखिला लिया जहां साथी खिलाड़ियों को देखकर उनके मन में भी खेलों के प्रति रुचि जगी। भिवानी स्थित हरियाणा शूटिंग स्पॉट रेंज अकादमी में कोच गौरव और ललित के मार्गदर्शन में उन्होंने शूटिंग का अभ्यास शुरू किया। शुरुआत में मोनिका ने छह महीने तक पिस्टल शूटिंग का अभ्यास किया बाद में राइफल में रुचि ली और उसी में लगातार मेहनत कर पदकों की झड़ी लगा दी। उनकी प्रतिभा और मेहनत को देखकर परिवार ने भी उनका भरपूर साथ देना शुरू कर दिया।
मोनिका की प्रमुख उपलब्धियां
वर्ष 2025 में राज्यस्तरीय शूटिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक
वर्ष 2025 में खेलो इंडिया शूटिंग स्पर्धा में रजत पदक
वर्ष 2024-25 व 2023-24 के नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक
वर्ष 2024-25 के नेशनल राइफल इवेंट में रजत पदक
वर्ष 2024-25 के नेशनल राइफल स्टैंडिंग इवेंट में कांस्य पदक
वर्ष 2024 में शूटिंग विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व
भाई बना मोनिका का सबसे बड़ा सहारा
मोनिका ने बताया कि उनकी सफलता के पीछे उनके परिवार, विशेषकर बड़े भाई देवेंद्र का सबसे बड़ा हाथ है। कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद भाई ने उन्हें कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी। खेलों के लिए आजादी दी और हर मुश्किल घड़ी में उनके साथ डटकर खड़ा रहा।
साई में मिला राष्ट्रीय स्तर का प्लेटफॉर्म
अब मोनिका का चयन दिल्ली स्थित साई हॉस्टल में हो गया है जहां उन्हें आधुनिक तकनीक और सुविधाओं के साथ अभ्यास का मौका मिल रहा है। इससे पहले वे भिवानी व दिल्ली की निजी अकादमियों में अभ्यास कर रही थीं। उनके कोच गौरव ने कहा कि साई में प्रशिक्षण मिलने से मोनिका के खेल में और निखार आएगा।
मां-पिता के आशीर्वाद से बढ़ता गया हौसला
मोनिका बताती हैं कि हर प्रतियोगिता से पहले मां मंजू का आशीर्वाद और पिता हरिओम व भाई का सहयोग उनका संबल बनता है। मां की एक बात उन्हें हमेशा प्रेरित करती है मेहनत करती रह, एक दिन उसका फल तुझे जरूर मिलेगा। यही बात हर असफलता को सीख में बदलने का हौसला देती है।
विधायक ने किया स्वागत, दी शुभकामनाएं
सोमवार को अकादमी पहुंचने पर विधायक घनश्याम सर्राफ ने मोनिका का स्वागत किया और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिससे मोनिका को भी साई हॉस्टल के माध्यम से सभी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक ने भी मोनिका की जीत पर शुभकामनाएं दीं और भविष्य में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।