भिवानी। शहर की प्रस्तावित वार्डबंदी पर वर्तमान और पूर्व पार्षदों ने सवाल उठाए। शहर के बाहरी क्षेत्र को भी प्रस्तावित वार्डबंदी में शामिल करने के आरोप लगाए। आपत्ति के अंतिम दिन आधा दर्जन से अधिक निवर्तमान पार्षदों ने डीसी कार्यालय में शिकायत कर वार्डबंदी पर सवाल उठाते हुए इसे रद करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
शहरी निकाय निदेशालय की ओर से शुक्रवार को शहर की प्रस्तावित वार्डबंदी वेबसाइट पर अपलोड की गई। वेबसाइट में पूरे शहर का ही भूगोल बदल दिया गया। सभी वार्डों के नंबर बदल गए, वहीं दायरा भी पूरी तरह बदल गया। लगभग सभी वार्डों की कॉलोनियां इधर-उधर हो गई। एक कॉलोनी पहले जहां एक वार्ड में थी, नई वार्डबंदी में तीन-तीन वार्डो में बंटी हुई है। लगभग सभी वार्डों का एरिया पूरी तरह बदलने के कारण पार्षदों में रोष है। सोमवार को वार्डबंदी पर आपत्ति के अंतिम दिन अनेक पार्षद विरोध जताने डीसी कार्यालय पहुंचे। लिखित में शिकायत देकर प्रस्तावित वार्डबंदी पर आपत्ति जताई। पार्षदों ने आरोप लगाया कि जो क्षेत्र शहरी सीमा में ही नहीं आता, उसे भी वार्डबंदी में शामिल किया गया है। एक कॉलोनी के लिए ग्रांट पास होगी तो तीन वार्डों में बटेगी। इसके अलावा प्रस्तावित वार्डबंदी के तहत लोगों को दूर-दराज के क्षेत्रों में मतदान के लिए जाना होगा।
ये उठाए सवाल
* अनुसूचित जाति के वार्ड को रिजर्व करने के लिए वार्ड बंदी के नियम तीन व उप नियम दो के प्रावधानों की अनदेखी की गई।
* एडहोक कमेेटी के गठन में नियम चार उप नियम दो की अनुपालना नहीं हुई।
* वार्डबंदी के नियम पांच उप नियम एक व नियम सात की अनदेखी हुई है। अनुसूचित जाति, बैकवर्ड क्लास, महिला पार्षदों के लिए वार्ड रिजर्व करते समय उप नियम पांच नियम एक के प्रावधानों की अनदेखी की गई है।
* न तो भौगोलिक तौर पर एरिया को चिह्ति किया गया और न ही वर्तमान सीमा का ख्याल रखा गया है।
* वार्डबंदी में जनसंख्या के आंकड़े गलत तैयार किए गए है। डोर टू डोर जनसंख्या का सर्वे नहीं किया गया।
* वार्डबंदी व मैप को सार्वजनिक तौर पर डिस्पले नहीं किया गया
* प्रस्तावित वार्डबंदी में चिह्ति स्थान अस्पष्ट है।
* नप सीमा से बाहर के क्षेत्र ढाणा रोड, सिटी स्टेशन, पीपली वाली जोहड़ी लाइन पार, राजीव कॉलोनी का कुछ एरिया, हांसी रोड, खरकड़ी कॉलोनी का एरिया, पालुवास गांव का इंडस्ट्रीज एरिया को भी वार्डबंदी में शामिल किया गया है।
* भौगोलिक परिस्थति का ध्यान न रखते हुए एक ही क्षेत्र या कॉलोनी को कई वार्डों में विभाजित किया गया है। जैसे वार्ड एक के सेक्टर 13 को तीन वार्डों में बांटा गया है।
बिलकुल गलत है प्रस्तावित वार्डबंदी
पार्षद गोविंद राम बिल्लू बादशाह, जगदीश ने बताया कि प्रस्तावित वार्डबंदी बिल्कुल गलत है। सारे नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने बताया कि डीसी ने एक सप्ताह में आपत्तियों बाबत बैठक बुलाने की बात कही है। अगर प्रस्तावित वार्डबंदी को ठीक नहीं किया तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। पार्षद शिव कुमार, मनोज, पूर्णचंद आजाद, विरेंद्र टोनी, आनंद बासिया, अंकित आदि ने भी आपत्ति जताई