भिवानी। कोरोना वायरस का संक्रमण एक बार फिर खतरनाक हो गया है। एक बुजुर्ग महिला की कोरोना से मौत हुई है। यह जिले में 148वीं कोरोना संक्रमित की मौत है। वहीं इस माह में यह तीसरी मौत है। चिंताजनक बात है कि डिप्टी सिविल सर्जन, सर्जन और एक एसएमओ समेत 27 नए कोरोना पॉजिटिव सामने आए हैं। जिसके बाद एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 117 तक पहुंच गया है। जिले में अब तक 6540 कोरोना पॉजिटिव सामने आ चुके है, जिनमें 6275 ठीक हो चुके है। बुधवार को भी 787 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए। कोरोना वायरस गंभीर होता जा रहा है, इसके बावजूद लोग लापरवाही बरत रहे है। अधिकतर के चेहरों से मास्क गायब है तो सामुदायिक दूरी बाजार में कहीं नजर नहीं आ रही।
72 वर्षीय महिला ने हारी कोरोना से जिंदगी
कोरोना से सिरसा घोघड़ा गांव में 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। महिला ने पीजीआई रोहतक मेें पांच अप्रैल को उपचार के दौरान दम तोड़ा। वहीं कोविड-19 सुरक्षा नियमों के तहत शव का अंतिम संस्कार किया गया। पोर्टल से आई सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिजनों से संपर्क साधा। जहां पता लगा कि महिला को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन भी लगवाई जा चुकी थी। परिजनों के अनुसार महिला को पहले कोई बीमारी नहीं थी। अचानक तबीयत बिगड़ी और बुखार हुआ। जिसके बाद पीजीआई लेकर गए, जहां मौत हो गई। यह जिले में 148वीं कोरोना संक्रमित की मौत है।
27 नए कोरोना संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
सामान्य अस्पताल के एक एसएमओ की मंगलवार देर शाम कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बुधवार को एक डिप्टी सिविज सर्जन, एक सर्जन के अलावा ईएसआई अस्पताल की एक महिला एसएमओ की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। चिकित्सकों के पॉजिटिव आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। पहले ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग के सामने अब नई परेशानी खड़ी हो गई है। अन्य पॉजिटिव केसों में शिक्षा विभाग की सेक्टर में रहने वाली 56 वर्षीय महिला अधिकारी, लोहड़ बाजार से 22 वर्षीय बीए का छात्र, खरक कलां से बीए का छात्र, खरक से ही 39 वर्षीय महिला और उसका 19 वर्षीय बेटा, नलोई से 25 वर्षीय आर्मी का जवान, पुराना बस स्टैंड से 36 वर्षीय नाई दुकानदार, अलग-अलग क्षेत्रों से सात गृहिणियां, हनुमान गेट से 70 वर्षीय बुजुर्ग, हालुवास से 39 वर्षीय वेल्डिंग कर्मचारी, छपार से नौ वर्षीय बच्चा पॉजिटिव आए है।
वर्जन::::
कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि सभी सावधानी रखें। इलाज से तो बचाव बेहतर है। ऐसे में सभी मास्क लगाए, सामुदायिक दूरी का ख्याल रखें। जहां तक जरूरी न हो, सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें। बार-बार साबुन से हाथ धोए या सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन