भिवानी। अब जल्द नर्सिंग स्कूल की छात्राओं को खुद का सुरक्षित भवन मिलेगा। इसके लिए चार जगहों को कमेटी ने चिह्नित किया है। इसमें एक जगह का चयन होते ही स्कूल नए भवन में स्थानांतरित होगा।
फिलहाल 53 साल पहले बने नर्सिंग छात्रावास के कंडम घोषित हो चुके भवन में ही एएनएम और जीएनएम की छात्राओं की कक्षाएं लग रही हैं। जहां उनकी जान पर भी बड़ा जोखिम मंडरा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के वॉर रूम में स्कूल स्थानांतरित किए जाने का मामला भी अब खटाई में पड़ चुका है, क्योंकि यहां के छोटे कमरों में नर्सिंग स्कूल की कक्षाएं लगाने से इन्कार किया गया है।
भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल परिसर में 1971 में चार मंजिला नर्सिंग छात्रावास का निर्माण कराया गया था। करीब चार साल पहले नर्सिंग छात्रावास के जर्जरहाल भवन को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने कंडम घोषित कर दिया था। इस भवन में कक्षाएं संचालन को लेकर भी सवाल उठे थे, मगर नर्सिंग स्कूल के लिए कोई नई जगह नहीं होने से मामला लंबित पड़ा रहा। कुछ अर्से पहले जर्जर भवन का कुछ हिस्सा भी ढह गया।
इसके बाद यहां पढ़ाई कर रही करीब 90 नर्सिंग छात्राओं ने बवाल किया और प्रदर्शन भी किया। इसके बाद सीएमओ कार्यालय के सामने ही बार रूम में नर्सिंग स्कूल खोलने की मांग रखी। पहले तो स्वास्थ्य विभाग ने इसे देने से इन्कार किया, लेकिन बाद में सहमति बन गई। जब स्कूल स्थानांतरित होने लगा तो ऐन वक्त पर यहां छोटे कमरे होने का हवाला देकर स्कूल स्थानांतरण का मामला रुक गया। छात्रावास के लिए नई जगह चयन का मामला उपायुक्त के समक्ष पहुंचा। इसके बाद एक कमेटी बनाई गई। जो स्कूल के लिए जगह चिह्नित करेगी। इस कमेटी ने नर्सिंग स्कूल छात्रावास के लिए चार जगह चिह्नित किया है।
नर्सिंग स्कूल छात्रावास के लिए हैं ये चार विकल्प
नर्सिंग छात्रावास स्थानांतरण को लेकर बनाई गई कमेटी ने चार जगह का चुनाव किया है। इनमें पहली जगह जिला सामान्य अस्पताल के सामने भारत भवन धर्मशाला जो अब जिला परिषद के अधीन है। दूसरा घंटाघर का केएम प्राइमरी स्कूल, जिसमें भी नर्सिंग स्कूल संचालन के लिए काफी कमरे बने हैं। ये नागरिक अस्पताल के सड़क के दूसरी तरफ बना है। तीसरा विकल्प वैश्य कॉलेज और चौथा सीबीएलयू का पुराना भवन शामिल है। ये दोनों जगह नागरिक अस्पताल से थोड़ा दूर हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग स्कूल संचालन के लिए अपने हाथ खड़े कर दिए हैं, क्योंकि उनके पास कोई जगह नहीं हैं।
उपायुक्त को नर्सिंग स्कूल के लिए अधिकृत किया है। इनके निर्देश पर एक कमेटी भी बनाई है। कमेटी ने चार जगहों को चिह्नित भी किया है, मगर अभी तक कोई जगह फाइनल नहीं हुई है। ये कार्य नर्सिंग स्कूल की प्राचार्या का है, क्योंकि उनका विभाग अलग है। स्वास्थ्य विभाग ने पहले बार रूम नर्सिंग स्कूल शिफ्ट करने के लिए दिया था, जिसमें अब खुद नर्सिंग स्कूल प्राचार्य ने ही शिफ्ट करने से इंकार कर दिया है। -डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।
नर्सिंग स्कूल फिलहाल जर्जरहाल कंडम हो चुकी चार मंजिला बिल्डिंग के अंदर ही चल रहा है। जिसे नई जगह पर शिफ्ट किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इस संबंध में सिविल सर्जन से भी मुलाकात हुई हैं, उनका इस संबंध में सकारात्मक रुख है, जल्द ही नर्सिंग स्कूल नई जगह पर स्थानांतरित किया जाएगा। -बिमला रानी, प्राचार्य, नर्सिंग स्कूल जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।