भिवानी। अब शहर के अंदर करीब 13 किलोमीटर दायरे में नगर परिषद के खुले बरसाती नाले भूमिगत पाइपों में तब्दील होंगे। नगर परिषद ने करीब ढाई करोड़ से खुले नालों की जगह पाइप लाइन डालने का खाका तैयार किया है। इसके टेंडर की प्रक्रिया भी अब शुरू की जाएगी।
खुले बरसाती नाले अधिकांश हिस्सों में गंदगी से ठप पड़े हैं वहीं कई जगह अवैध कब्जे भी इन पर हो चुके हैं। इससे बारिश के दौरान पानी की निकासी में भी बाधा आ रही है। वहीं मुख्य सीवर लाइनों में भी खुले नालों की गंदगी पहुंच मैन सीवर लाइन को जाम कर रही है।
भिवानी नगर परिषद की हद में आने वाले करीब 13 किलोमीटर के दायरे में खुले नाले हैं। ये नाले शहर के मुख्य सीवर लाइन सिस्टम से भी जुड़े हैं। इनकी वजह से खुले नालों की गंदगी भी सीवरेज सिस्टम को जाम कर रही है। इतना ही नहीं शहर के अंदर कई जगह ऐसी भी हैं, जहां नालों पर ही अवैध कब्जे हो चुके हैं, जिस कारण गंदे पानी की निकासी भी कहीं नहीं हो रही है।
खुले नालों में मलबा, सड़क का पॉलिथीन कचरा भी खुले नालों में ही पहुंच रहा है। बारिश से पहले इनकी सफाई भी होती है, लेकिन कुछ अर्से बाद फिर से ये पुरानी स्थिति में होते हैं।
शहर में यहां हैं नगर परिषद के नाले
शहर के फैंसी चौक, लोहड़ बाजार, सराय चौपटा, शिक्षा मार्ग, दिनोद गेट, खाकी बाबा मंदिर, हरजीकान चौक क्षेत्र, किरोड़ीमल मंदिर क्षेत्र, मुरारी सिनेमा रोड, लिबर्टी सिनेमा रोड, तेलीवाड़ा, ढाणा रोड, कृष्णा कॉलोनी, माल गोदाम रोड, दिनोद रोड सहित शहर के अनेक हिस्सों में खुले नाले हैं। इन नालों की बरसात से पहले हर साल सफाई पर ही करीब आठ लाख खर्च हो जाते हैं।
खुले नालों से होते हैं हादसे
शहर के आबादी भरे हिस्सों और मुख्य बाजारों में बरसाती नाले खुले पड़े हैं। शहर के घोसियान चौक क्षेत्र में खुले नाले हादसाें की वजह भी बन रहे हैं। अनाज मंडी के सामने खुले पड़े बरसाती नालों में लावारिस पशु गिर रहे हैं। इसी तरह अन्य हिस्सों में भी खुले नाले हादसों का कारण बन रहे हैं।
शहर के अंदर नगर परिषद के बरसाती नाले खुले पड़े हैं। इनकी वजह से हादसे होते हैं। वहीं इनकी सफाई के बाद फिर से इनके अंदर गंदगी पहुंच जाती है। इन नालों के आसपास रहने वाले लोग भी बदबू भरे माहौल में जी रहे हैं। हर साल यहां सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति ही होती है। पहली बारिश में ही यहां पानी लबालब होता है।
-प्रताप निवासी निर्वाण गली वार्ड 23
बरसाती नालों की जगह पाइप लाइन डालना अच्छा कदम है। लेकिन इसके लिए नगर परिषद पहले उन हिस्सों में बरसाती नालों को चालू कराए जहां स्थायी तौर पर लोगों ने अवैध कब्जे जमा रखे हैं। नाले कई जगह से गायब हैं, जिसकी वजह से बरसात के दौरान पानी आगे नहीं जा पाता है। इस कारण भी लोगों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
-मोहित निवासी देवसर चुंगी क्षेत्र।
नगर परिषद के अधीन आने वाले सभी खुले नालों को अंडरग्राउंड पाइपों में तब्दील कराएगा। इसके लिए एस्टीमेट तैयार किए जा चुके हैं। शहर में नगर परिषद की हद में करीब 13 किलोमीटर लंबाई तक के बरसाती नाले आते हैं, जिन्हें पाइप लाइन में बदला जाएगा। इसके टेंडर की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।
- भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।