भिवानी। नगर परिषद में अब ढाई करोड़ के मसौदे की फाइलें शहरी निकाय मुख्यालय में धूल नहीं फांकेंगी, बल्कि नगर परिषद इन पर तुरंत अमल कर कार्य शुरू करा पाएगा। इसकी तैयारियां भी नगर परिषद में शुरू हो चुकी हैं। भिवानी नगर परिषद ने शहर की सफाई, स्ट्रीट लाइट, नई गलियों के निर्माण, जोहड़ों और पार्कों के जीर्णोद्धार के मसौदे मुख्यालय को भेजे हुए थे, जिन पर अभी तक कोई निर्देश नहीं मिले हैं, लेकिन अब मुख्यालय के आदेशों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि हाउस सदन की बैठक में नगर पार्षद प्रस्ताव पास कर ऐसे कार्य खुद ही शुरू करा सकेंगे।
भिवानी नगर परिषद के 31 वार्डों से पार्षदों ने करीब 200 गलियों के निर्माण का मसौदा भी प्रस्ताव पास कर मुख्यालय को भेजा है। इसी तरह शहर में चार जोन में सफाई का कार्य भी सालाना आठ करोड़ लागत से कराने का प्रस्ताव मुख्यालय में लंबित पड़ा है। इसी तरह शहर के अधुरे पड़े जोहड़ों के जीर्णोद्वार और पार्कों के रखरखाव एवं उनके जीर्णोद्धार के काम भी मुख्यालय की मंजूरी के इंतजार में लंबित पड़े हैं। इन कार्यों को अब नगर परिषद खुद शुरू कराने की तैयारी में हैं। ये सभी काम नगर परिषद को अलाट बजट से कराए जाएंगे। सिर्फ उन्हीं कार्यों पर मुख्यालय से मंजूरी का इंतजार करना होगा, जिस कार्य के लिए सीधे सरकार बजट जारी करेगी। भिवानी नगर परिषद में अब तक करीब 15 करोड़ का बजट आ चुका है। जिसमें से अधिकांश बजट से विकास के काम चल रहे हैं। संवाद
ये विकास कार्य अब नगर परिषद के लिए होंगे आसान
-शहर के सभी वार्डों में नई गलियों के अस्टीमेट तैयार कराकर निर्माण शुरू कराना
-पुरानी गलियों की मरम्मत का काम शुरू कराना
-शहर में सफाई के लिए स्पीपिंग का टेंडर कराना
-शहर के पार्कों में मरम्मत, झूले लगवाना, ग्रीन बेल्ट में पौधे लगवाना
-पुराने जोहड़ों में चाहरदीवारी, पानी निकासी की व्यवस्था कराना
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एक-एक जोन में सफाई के टेंडर कराने की तैयारी
नगर परिषद अब सदन की बैठक में खुद ही एक-एक जोन के टेंडर कराकर पूरे शहर को चार जोन में सफाई का कार्य सौंपने की तैयारी में जुटी है। एक जोन में सफाई पर करीब दो करोड़ का बजट खर्च आएगा। जबकि पूरे शहर में करीब आठ करोड़ से सफाई होगी। नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में ढाई करोड़ तक के कार्य कराने की अनुमति है। एक-एक जोन के सफाई कार्य को नप सदन खुद मंजूरी दे देगा।
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पार्कों के जीर्णोद्धार पर करीब 50 लाख का बजट होगा खर्च
शहर के पार्कों के जीर्णोद्धार के अलावा बच्चों के झूले लगाने के कार्य पर करीब 50 लाख का बजट खर्च होगा। इस कार्य को भी नगर परिषद हाउस की बैठक में खुद मंजूरी देकर जल्द शुरू कराएगा।
नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाए जाने के बाद ढाई करोड़ तक के बजट के कार्य के लिए निदेशालय की मंजूरी की जरूरत नहीं है। भिवानी में नगर परिषद के काफी मसौदे मुख्यालय मेंं लंबित हैं, जिन पर अब नगर परिषद हाउस की बैठक में विचार विमर्श के बाद टेंडर कराने की प्रक्रिया को अपनाकर जल्द शुरू कराएगा।
-सत्येंद्र मोर, उपाध्यक्ष नगर परिषद भिवानी।