70 के दशक में बने 51 साल पुराने लोहारू रेलवे ओवरब्रिज पर अब सफर खतरे से खाली नहीं है। इसमें कई मोटी और खतरनाक दरारें अब और अधिक उभर चुकी हैं। इसी वजह से इस पर ट्रैफिक बंद किया जाएगा। हालांकि कंडम घोषित हो चुका यह पुल अब इसी सप्ताह तोड़ना शुरू किया जाएगा।
लोहारू रोड के वाहनों का रूट भी अब तोशाम बाईपास और वाया देवसर चुंगी डायवर्ट रहेगा। इतना ही नहीं भिवानी-महम मार्ग कालुवास रेलवे ओवरब्रिज एक्सटेंशन कार्य पर पांच करोड़ के बजट से नई कंपनी को वर्कऑर्डर जारी हो चुका है। इस पर भी एक माह में काम शुरू हो जाएगा। लोहारू और दादरी रोड से दिल्ली पिलानी नेशनल हाईवे व शहर के अंदर रोजाना ही करीब 45 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में शहर के सरकुलर रोड पर वाहनों का डेढ़ गुना दबाव बढ़ जाएगा। हालांकि भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा उन्हें नए बाईपास और तोशाम बाईपास के रास्ते ही गंतव्य तक भेजा जाएगा। लोहारू रोड पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण करीब डेढ़ से दो साल चलेगा।
ग्रेप चार के आदेश हटने के बाद रुकी हुई विकास योजनाओं पर काम फिर से तेजी पकड़ गया है। भिवानी में तीन रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें नेशलन हाईवे 709 ई के रास्ते लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज और दिनोद रोड पर जीतुवाला फाटक रेलवे ओवरब्रिज का काम शामिल है। दिनोद रोड का रेलवे ओवरब्रिज करीब 75 फीसदी बना है, जबकि लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज की अभी फाउंडेशन और पिलर तैयार किए जा रहे हैं।
नया पुल बनाने से पहले पहले बने 51 साल पुराने कंडम रेलवे ओवरब्रिज भी तोड़ा जाना है। इसकी मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। इसी सप्ताह इस पुल को तोड़ने का काम शुरू होगा। ऐसे में यहां का रूट डायवर्ट भी रहेगा। नई अनाज मंडी गेट से ही छोटे वाहन देवसर चुंगी रेलवे फाटक के रास्ते होते हुए भगवान वाल्मीकि चौक पर से हालुवास गेट की तरफ निकाले जाएंगे। जबकि भारी वाहनों को तोशाम बाईपास और नया बाईपास के रास्ते निकाला जाएगा। देवसर चुंगी फाटक दिनभर में काफी देर बंद रहता है। ऐसे में यहां छोटे वाहनों का भी जाम बनेगा। वहीं सरकुलर रोड पर भी डेढ़ गुना वाहन बढ़ जाएंगे। संवाद
लगाना होगा पांच से सात किलोमीटर अधिक चक्कर
लोहारू और दादरी रोड पर आने वाले माल ढुलाई और भारी वाहनों को पांच से सात किलोमीटर अधिक का चक्कर लगाना पड़ेगा। वहीं छोटे वाहनों को भी तोशाम बाईपास का करीब चार किलोमीटर की दूरी नापनी पड़ेगी। दिनोद रोड रेलवे ओवरब्रिज का काम पूरा हो जाता तो शायद तोशाम बाईपास व देवसर चुंगी की तरफ आने वाले वाहनों के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता था, मगर यहां भी काम ठप पड़ा है, जिसे अब फिर से शुरू कराया जाएगा।
भिवानी-महम मार्ग पर कालुवास रेलवे फाटक के पुल के एक्सटेंशन कार्य के लिए करीब पांच करोड़ के बजट से वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है। कंपनी सिक्योरिटी राशि जमा कराने के साथ काम शुरू कराने की तैयारी कर रही है। इसमें करीब एक माह और लग जाएगा। ये पुल 75 फीसदी तैयार हो चुका है। बाकी बचा कार्य भी करीब छह माह में पूरा कराने का प्रयास रहेगा। इसके बाद इसे जल्द से जल्द चालू कराया जाएगा।
-सुनील कुमार, एसडीओ डिविजन एक पीडब्ल्यूडी विभाग भिवानी।
पुराना लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज तोड़ने की सूरत में लोहारू और दादरी रोड के वाहनों का रूट डायवर्ट रहेगा। तोशाम बाईपास और वाया देवसर चुंगी हालुवास गेट छोटे वाहनों को निकाला जाएगा। इस इलाके में यातायात पुलिस कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि जाम की स्थिति न बने, क्योंकि यहां दिनभर वाहनों की काफी आवाजाही रहती है। अनाज मंडी गेट और देवसर चुंगी फाटक पर पहले से ट्रैफिक कर्मचारी तैनात हैं।
-सुनील कुमार, प्रबंधक जिला यातायात पुलिस थाना भिवानी।