भिवानी। अब तीन से चार दिन पुराने शहर के लोगों के लिए इम्तिहान की घड़ी जैसे गुजरेंगी, क्योंकि इस दौरान जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पानी की आपूर्ति नहीं कर पाएगा। पुराने जलघर के टैंकों व बूस्टरों के अंदर पानी का भंडारण खत्म हो चुका है।
ऐसे में अब जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग केवल पानी के टैंकरों के सहारे ही लोगों की प्यास बुझाएगा। मंगलवार को वार्ड 28 की गुस्साई महिलाओं ने घंटाघर शिकायत केंद्र पर पहुंचकर गेट पर ताला जड़ दिया। वहीं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने भी पेयजल आपूर्ति सुधार में थोड़ा वक्त लगने का आश्वासन दिया है।
भिवानी के पुराना जलघर के सभी टैंक सूख चुके हैं, जबकि इस जलघर के बूस्टरों में भी पानी नहीं बचा है। विभाग शहर के अंदर केवल सरकारी संस्थानों में जरूरत के हिसाब से ही थोड़ा बहुत आपूर्ति दे रहा है, जबकि शहर के जगत कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड, हालु और लोहड़ जोन के इलाकों में पानी की आपूर्ति अब 19 जुलाई तक नहीं दे पाएगा। इन इलाकों में विभाग चार दिनों तक केवल पानी के टैंकर ही भिजवाएगा। ये पानी के टैंकर भी उन हिस्सों में ही पहुंचेंगे जहां गलियां चौड़ी हैं, संकरी गलियों के अंदर विभाग पानी के टैंकर भी नहीं भेज पाएगा। ऐसे में लोगों को अपनी प्यास बुझाने और रोजमर्रा के कार्यों के लिए पानी का प्रबंध खुद ही करना पड़ेगा।
दरअसल, इस बार नहरों में पानी चलने के दौरान पुराना जलघर के टैंक नहीं भर पाए थे। ऐसे में काफी दिनों से विभाग एक दिन छोड़ एक दिन पेयजल आपूर्ति राशनिंग के सहारे ही चला रहा था। मगर अब जलघर टैंक और बूस्टर सूख गए हैं, ऐसे में अब विभाग ने राशनिंग से भी पानी आपूर्ति को लेकर अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में लोगों को पानी के लिए अब राम भरोसे ही रहना होगा।
नहरी शेड्यूल के हिसाब से 18 जुलाई को नहर में हैड से पानी छोड़ा जाएगा जो 19 जुलाई की शाम तक ही नहरों में यहां तक पहुंचेगा। ऐसे में नहर में पानी आने के एक या दो दिन बाद ही बूस्टरों में पानी मिलेगा, तब जाकर घरों के अंदर नलों से पानी आएगा। यानी ये सप्ताह लोगों के लिए पानी को लेकर मुश्किलों भरा गुजरेगा।
डाबर और निनान जलघर से मिलती रहेगी पानी की आपूर्ति
शहर में डाबर और निनान जलघर से पानी की आपूर्ति लोगों को मिलती रहेगी। इन जलघरों से अधिकांश शहर की बाहरी कॉलोनियां व बूस्टर ही जुड़े हैं, जिनमें राशनिंग से पानी लोगों को मिलता रहेगा। जबकि महम रोड के पुराना जलघर से अधिकांश सरकुलर रोड के अंदर और आसपास की करीब 35 से अधिक कॉलोनियों में रह रही करीब 75 हजार की आबादी को पानी के लिए तीन से चार दिन तरसना पड़ेगा।
घंटाघर शिकायत केंद्र को बंद कर महिलाओं ने की नारेबाजी
घंटाघर बूस्टर एवं शिकायत निवारण केंद्र पर मंगलवार दोपहर को वार्ड 28 की महिलाओं ने पहुंचकर यहां रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान शिकायत केंद्र का गेट भी बंद कर दिया। महिलाओं ने कहा कि वार्ड 28 में ग्यारह हट्टा कुम्हारों की गली में पिछले काफी अर्से से पानी नहीं आ रहा है। लोग पानी के लिए रात रात भर जाग रहे हैं। कभी कभार पानी आता है तो गंदा आ रहा है। जिसे पीना तो दूर इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता है। इस इलाके में पानी के लिए हैंडपंप भी नहीं है और पानी के टैंकर भी नहीं पहुंच रहे हैं। लोग पीने के पानी को भी तरस रहे हैं। वहीं मौके पर मौजूद जेई ने महिलाओं से जल्द ही नहर आने पर पानी की आपूर्ति मिलने का आश्वासन दिया।
पुराने जलघर में पानी का भंडारण अब खत्म हो चुका है। 18 जुलाई के बाद नहरों में पानी आएगा। तब तक पुराने शहर के जिन हिस्सों में पानी की आपूर्ति नहीं होगी वहां पर पानी का टैंकर भिजवाया जाएगा। शहरवासियों से भी नहर आने तक पानी की स्थिति को लेकर संयम रखने का अनुरोध किया जा रहा है। नहर आने के बाद पानी की आपूर्ति लोगों को मिलना शुरू हो जाएगी।
- ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।