भिवानी। अब लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में आड़े आ रही डिस्पोजल की मुख्य लाइन को रेलवे खुद शिफ्ट कराएगा। रेलवे लाइनों के नीचे से क्रॉसिंग हो रही डिस्पोजल की मुख्य लाइनों को शिफ्ट कराने के लिए पहले जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पांच करोड़ की अनुमानित लागत से साढ़े तीन सौ मीटर दायरे में पाइप लाइन का एस्टीमेट तैयार किया था।
इस एस्टीमेट पर रेलवे और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों का मंथन भी हुआ। इसमें अब यह निर्णय हुआ है कि रेलवे खुद अपने खर्च पर ही शहर के मुख्य डिस्पोजल की लाइनों के नीचे से हो रही क्रॉसिंग दायरे में लाइन शिफ्ट कराएगा। इसकी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने भी रेलवे अधिकारियों को हरी झंडी दे दी है। लेकिन मुख्य सीवर लाइन शिफ्ट नहीं होने से साढ़े तीन माह से रेलवे ओवरब्रिज निर्माण बंद पड़ा है।
देवसर चुंगी मुख्य डिस्पोजल की मैन सीवर और बरसाती लाइन की रेवाड़ी-बटिंडा रेल लाइन के नीचे से क्रॉसिंग है। इसी क्रॉसिंग प्वाइंट पर नीचे से इन लाइनों को शिफ्ट किया जाएगा। रेलवे क्रॉसिंग के नीचे से मुख्य पानी की लाइन भी गुजर रही है। इसे भी शिफ्ट किया जाएगा।
देवसर चुंगी मुख्य डिस्पोजल से लोहारू रोड स्थित भिवानी-घग्घर ड्रेन तक डिस्पोजल की 24 इंची 600 एमएम की मुख्य लाइन गुजरती है। डिस्पोजल से लेकर रेवाड़ी-बटिंडा रेलमार्ग के नीचे से भी इस लाइन की क्रॉसिंग है। इसके बाद यह लाइन करीब ढाई किलोमीटर तक लोहारू रोड पर भी गुजरती है।
लोहारू रोड का करीब 55 साल पुराना पुल तोड़कर उसकी जगह नया रेलवे ओवरब्रिज बन रहा है। पुल के ले आउट प्लान के हिसाब से डिस्पोजल की मुख्य लाइनों को पिलर, फाउंडेशन के हिसाब से शिफ्ट किया जाना है।
ऐसे में दोनों ही विभागों के तकनीकी अधिकारियों के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि पुल निर्माण के दौरान ये लाइन इसके नीचे से आसानी से अपना काम करती रहे। अब रेलवे अधिकारी सीवर लाइन व बरसाती डिस्पोजल लाइन शिफ्ट कराने के लिए अपनी एजेंसी से ही पूरा काम कराएगी। फिलहाल साढ़े तीन माह से लाइन शिफ्टिंग के इंतजार में ही काम बंद पड़ा है। संवाद
साढ़े सात सौ मीटर की बजाए अब 950 मीटर तक बढ़ेगा पुल का दायरा
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 एक्सटेंशन के दायरे में आने वाला करीब पांच दशक पुराना लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज 750 मीटर लंबा था। इसे 52 साल से अधिक पुराना होने की वजह से तोड़ दिया गया। अब इसकी जगह 950 मीटर लंबा नया रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण काम चल रहा है। अब नए पुल के हिसाब से ढाणी महताब चौक की तरफ करीब 100 मीटर आगे तक बढ़ाया जाएगा। जबकि अनाज मंडी छोर की तरफ करीब 85 मीटर आगे तक पुल का दायरा बढ़ेगा। पुराने ओवरब्रिज से नया रेलवे ओवरब्रिज करीब 200 मीटर अधिक लंबा होगा। इसी वजह से डिस्पोजल की मुख्य लाइन को शिफ्ट करना जरूरी हो गया है।
साढ़े तीन सौ मीटर लंबाई तक डाली जाएगी भूमिगत मुख्य डिस्पोजल की पाइप
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एस्टीमेट के अनुसार नए पुल निर्माण से पहले ही देवसर चुंगी के मुख्य डिस्पोजल से लेकर भिवानी-घग्घर ड्रेन तक गंदा पानी पहुंचाने के लिए करीब साढ़े तीन सौ मीटर दायरे में नई भूमिगत 24 इंची पाइपलाइन डाली जाएगी। जिसका डिजाइन नए पुल के ले आउट प्लान के हिसाब से तैयार होगा। इसके बाद ड्रेन तक गंदा पानी पहुंचने के लिए पहले से ही पाइप लाइन चालू है। उसके साथ कोई फेरबदल नहीं होगा।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों की रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। पहले लाइन क्रॉसिंग के नीचे से मुख्य डिस्पोजल की मुख्य सीवर और बरसाती डिस्पोजल की लाइनों को शिफ्ट किए जाने का एस्टीमेट तैयार किया था, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने इस कार्य को खुद के खर्च पर स्वयं ही कराने की जिम्मेदारी ली है। अब लोहारू रोड रेलवे ओवरब्रिज निर्माण दायरे में सीवर और बरसाती लाइनों को रेलवे द्वारा ही शिफ्ट किया जाना है। इस काम में हमारा विभाग भी निगरानी करेगा।
-सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।