हर आदमी की अब स्वास्थ्य रिपोर्ट की जानकारी को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए व्यक्ति का पूरे स्वास्थ्य का ब्योरा ऑनलाइन दर्ज होगा। इसके लिए सरकार की ओर से अब आभा कार्ड-हेल्थ कार्ड को तैयार करने के लिए सरकार ने आभा कार्ड आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट के नाम से योजना चलाई है। इसके तहत जिले के लगभग बारह लाख 80 हजार लोगों के आभा कार्ड-हेल्थ कार्ड को तैयार किया जाएगा।
नागरिक अस्पताल के साथ जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी और सब सेंटरों के कर्मियों को हिदायतें दी गई हैं। ये कर्मी सेंटर पर चेकअप कराने के लिए आने वाले मरीज और उनके साथ आए परिजनों को आभा कार्ड के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे और जिले के प्रत्येक व्यक्ति के आभा कार्ड को तैयार किया जाए। भिवानी जिले में इसके लिए नागरिक अस्पताल में कार्य शुरू किया है।
इसके तहत जिले में अब तक लगभग 40 हजार लोगों के आभा कार्ड को तैयार किया जा चुका है और आगे की प्रक्रिया अभी जारी है। आभा कार्ड के रजिस्ट्रेशन के लिए नागरिक अस्पताल की ओपीडी के कमरा नंबर तीन एनसीडी नॉन कम्युनिकेबल डिजीज में संपर्क कर अपने आभा कार्ड के लिए अप्लाई करे। इसके रजिस्ट्रेशन के लिए व्यक्ति का आधार कार्ड, फैमिली आईडी अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन के दौरान मोबाइल नंबर दर्शाना जरूरी है, क्योंकि उसी पर इसका ओटीपी नंबर भी आएगा। इसके बाद ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होगी।
क्या है आभा कार्ड
आभा कार्ड को हम हेल्थ कार्ड भी कह सकते हैं। यह सरकार की ओर से चलाई गई योजना है जिसके तहत आभा कार्ड को तैयार किया जा रहा है। इसको आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट के नाम से जानते है। इसको प्रत्येक व्यक्ति के हिसाब से अलग-अलग तैयार किया जाएगा। इसके लिए व्यक्ति के पूरे स्वास्थ्य ब्यौरे को ऑनलाइन दर्ज कर लिया जाएगा और व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के चेकअप कराने जाते समय पुराने कागजों को भार उठाने से छुटकारा मिलेगा।
आभा कार्ड बनने से फायदे
आभा कार्ड बनने के बाद व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य चेकअप करवाने के लिए इलाज के पुराने कागजों को ले जाने से राहत मिलेंगी। आपके स्वास्थ्य का सारा ब्यौरा पहले की बीमारी, दवाइयां, पहले कहां से इलाज कराया इन सबका सारा रिकार्ड ऑनलाइन दर्ज होगा। इससे व्यक्ति को किसी प्रकार की जानकारी न होने के अभाव से भी छुटकारा मिलेगा। आभा कार्ड से पूरे भारत में कहीं भी स्वास्थ्य सेवा लेने पर यह ऑनलाइन दर्ज पूरी जानकारी को ऑनलाइन रूप में प्रदान करेगा। इससे डॉक्टरों को आपके इलाज करने में भी मदद मिलेगी। क्याेंकि कई बार व्यक्ति को बीमारी या दवाइयों की पूरी जानकारी नहीं होती या मरीज के द्वारा ली जा रही दवाइयों के साल्ट की जानकारी न होने के कारण भी मरीज और जांच करने के लिए डॉक्टर को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आभा कार्ड में ऑनलाइन यह सारी जानकारी दर्ज होने के बाद मरीज स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर मिलेंगी।
जिले में अब तक 40 हजार लोगों के आभा कार्ड तैयार किए जा चुके हैं, जबकि पूरे जिले में 12 लाख 80 हजार लोगों के आभा कार्ड बनने हैं। इस योजना से प्रत्येक व्यक्ति की बीमारी की हिस्ट्री और दवाइयों की पूरी जानकारी कार्ड में डिजिटल रूप में दर्ज होगी। जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी और सब सेंटरों में इसे बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।