भिवानी। अब फैमिली आईडी में बच्चों के दस्तावेज में माता-पिता का नाम मिस मैच है तो उसे आधार के डाटा से ठीक किया जाएगा। इतना ही नहीं अब विवाह शगुन योजना को भी फैमिली आईडी से जोड़ा गया है। इससे संबंधित शिकायतें भी अब पोर्टल पर होंगी। जिसका नया ऑप्शन भी पोर्टल पर दर्शाया गया है।
अब तक विवाह शगुन योजना की शिकायत के लिए पोर्टल पर कोई ऑप्शन नहीं था। इसी के साथ परिवार में नए सदस्य जोड़ने और अनचाहे या बिना संबंधित सदस्यों को हटाने के मामले भी पोर्टल पर बढ़ गए हैं। अकेले भिवानी में हर माह करीब 1500 मामले सामने आ रहे हैं, जबकि परिवार पहचान पत्र में जन्म तिथि की वेरिफिकेशन से जुड़े करीब 20 हजार मामले सामने आए हैं, जिनकी उम्र 55 से 65 साल के बीच हैं, इनकी जन्मतिथि की वेरिफिकेशन से जुड़ा डाटा भी जल्द जिला सामाजिक एवं अधिकारिता विभाग के पास भेजा जाएगा। इसके बाद 60 वर्ष की आयु वाले बुजुर्गों की बिना किसी आवेदन के स्वत: पेंशन शुरू हो जाएगी।
भिवानी जिले में तीन लाख 16 हजार परिवार पहचान पत्र बन चुके हैं। अब परिवार पहचान पत्रों में सबसे अधिक नए सदस्यों को जोड़ने और अन रिलेटेड यानी गैर संबंधी सदस्यों को हटवाने की शिकायतें आ रही हैं। हर माह करीब 1500 ऐसी शिकायतें जिला नागरिक संसाधन विभाग के पास आ रही हैं। इनमें परिवार में पैदा हुए नए सदस्यों को जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर जोड़ा जा रहा है, जबकि परिवार से गैर संबंध सदस्यों को शिकायत के आधार पर दस्तावेजों की जांच के बाद हटाया जा रहा है या परिवार के जिन सदस्यों की शादी हो चुकी है, उन्हें भी शादी के दस्तावेज देने के बाद हटा दिया जाता है।
परिवार पहचान पत्र की गलतियों को लेकर भी लोग पहुंच रहे हैं। इनमें नाम की करेक्शन भी शामिल हैं। इसके लिए अब फैमिली आईडी में बच्चे के दस्तावेजों से अलग माता-पिता का नाम दर्ज है तो उसे दुरुस्त कराने के लिए आधार का डाटा इस्तेमाल किया जाएगा। यानी आधार कार्ड में माता-पिता का नाम है, उसी से फैमिली आईडी में भी नाम दुरुस्त होंगे। नाम में गलती के हर माह करीब 1200 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। संवाद
छह माह में बढ़ गए जिले में 50 हजार नए परिवार
जिला नागरिक संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में तीन लाख 16 हजार परिवार हैं। पिछले छह माह में करीब 50 हजार नए परिवार जुड़े हैं यानी नई फैमिली आईडी बनी हैं। इन परिवारों में अधिकतर परिवार तो आमदनी कम कराने के चक्कर में बढ़ गए हैं। जबकि कई परिवार संयुक्त परिवार से अलग हुए हैं। बवानीखेड़ा में 20877, बवानीखेड़ा नगर पालिका क्षेत्र में 6215, बहल में 19911, भिवानी में 82347, भिवानी नगर परिषद दायरे में 55579 परिवार शामिल हैं। इसी तरह कैरू में 23358, लोहारू में 23 हजार 54, लोहारू नगरपालिका क्षेत्र में 38010 परिवार शामिल हैं। सिवानी में 25 हजार 325 और सिवानी शहर में 5357 परिवार शामिल हैं। तोशाम में 40 हजार 831 परिवार हैं।
फैमिली आईडी में बच्चे के माता-पिता का नाम गलत दर्ज है तो उसे आधार के डाटा से मैच कर दुरुस्त किया जाएगा। जन्म तिथि की वेरिफिकेशन से जुड़े 20 हजार मामले जल्द जिला सामाजिक एवं अधिकारिता विभाग को भेजे जाएंगे। इसकी वेरिफिकेशन हो चुकी है। इसी तरह विवाह शकुन योजना से जुड़ी शिकायतें भी क्रीड के पोर्टल पर संभव होंगी। इसके लिए कुछ नए ऑप्शन भी जोड़े गए हैं।
-खुशवंत सिंह, प्रबंधक, जिला नागरिक संसाधन विभाग, भिवानी।