अब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा के पैटर्न में बदलाव नजर आएगा। प्रश्न पत्र के चारों कोड में 96 फीसदी प्रश्नों का क्रम एक जैसा रहेगा, सिर्फ चार फीसदी प्रश्नों का क्रम बदलेगा। ये प्रश्न भी एक-दूसरे कोड से भिन्न होंगे। 2023 मे भी बोर्ड ने कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिनमें संपूर्ण पाठ्यक्रम के साथ साल में दो बार परीक्षा, गणित विषय की दो श्रेणी स्टैंडर्ड और बेसिक तय करने के साथ ही स्विट्जरलैंड की इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (आईबी) बोर्ड से संबद्धता जैसे बड़े कदम शामिल हैं।
पहले बोर्ड की प्रत्येक विषय की परीक्षा में चार कोड के प्रश्नपत्र दिए जाते थे, जिनमें सभी प्रश्नों के क्रमांक में बदलाव के साथ प्रश्न भी अलग-अलग होते थे। इनमें एकरूपता लाने के लिए बोर्ड ने सभी चारों कोड के 96 फीसदी प्रश्नों के क्रमांक में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। बोर्ड का दावा है कि इससे विद्यार्थियों का डिजिटल माध्यम से मूल्यांकन करना भी आसान होगा।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने ये किए 2023 में बड़े बदलाव
- दसवीं और बारहवीं की फरवरी-मार्च के बाद जून-जुलाई में संपूर्ण विषय के साथ परीक्षा कराना, परीक्षा में उत्कृष्ट अंक को मान्यता देकर उसे पास सर्टिफिकेट जारी करना।
- मैनुअल मूल्यांकन को छोड़कर दसवीं और बारहवीं का डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से साॅफ्टवेयर पर मूल्यांकन कराना।
- गणित विषय को स्टैंडर्ड और बेसिक में बांटना। स्टैंडर्ड गणित वाला ही बारहवीं में गणित विषय की पढ़ाई कर सकेगा।
- दसवीं और बारहवीं के प्रश्नपत्रों को क्यूआर कोड और हिडन फीचर्स से जोड़कर नकल पर नकेल लगाना।
- इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (आईबी) स्विट्जरलैंड से हरियाणा के स्कूलों में पायलट स्टडी के लिए संबद्धता जारी कराना।
परीक्षा को उत्सव की तरह सेलिब्रेट करें विद्यार्थी, अभिभावक न लेने दें तनाव
बोर्ड अध्यक्ष डॉक्टर वीपी यादव ने कहा कि अभिभावक परीक्षा के लिए बच्चों को मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से तैयार करें और उनकी अच्छी तरह देखभाल करें। परीक्षा को लेकर बच्चों पर तनाव न होंने दें। वहीं विद्यार्थी परीक्षा का किसी तरह का तनाव न रखें और परीक्षा का किसी उत्सव की तरह सेलिब्रेशन करें।
ये हैं संकल्प
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 2023 में परीक्षा पैटर्न, मूल्यांकन और विस्तृत पाठ्यक्रम को लेकर बड़े बदलाव किए हैं, जिन्हें सफलतापूर्वक लागू भी किया है। इसके अच्छे नतीजे भी इस साल मिले हैं। अब बोर्ड का संकल्प ये रहेगा कि आने वाले साल में नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुसार सिस्टम को और अधिक दृढ़ता के साथ लागू किया जाएगा। परीक्षा, पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए नए बदलाव भी होंगे। हमारा लक्ष्य हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में विश्वस्तरीय नैतिक और मूल्यों पर आधारित रोजगारपरक शिक्षा देना रहेगा।
-डॉ वीपी यादव, अध्यक्ष हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी।