भिवानी। महम रोड स्थित पुराने जलघर में पानी भंडारण की हालत अब खराब हो गई है। सप्ताह भर में पुराने शहर को मात्र तीन दिन ही पेयजल आपूर्ति मिलेगी। 30 अप्रैल के बाद नहर में पानी पहुंचेगा। जब तक जलघर टैंकों में भंडारण से ही पेयजल आपूर्ति का राशनिंग से काम चलाया जाएगा।
दरअसल, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पुराने जलघर में पर्याप्त नहरी पानी भंडारण नहीं होने की वजह से अप्रैल महीना शहरवासियों के लिए राशनिंग में ही गुजरेगा। जबकि मई में नहरी पानी आने पर ही जल संकट से निजात की संभावना है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने बाहरी कॉलोनियों में भी अब पानी के टैंकरों की सप्लाई घटा दी है, इसकी वजह अधिकारियों का दावा कि टेल तक पेयजल आपूर्ति हो रही है।
भिवानी शहर में तीन मुख्य जलघरों से पानी की आपूर्ति दी जा रही है। महम रोड पुराना जलघर और डाबर कॉलोनी के अलावा निनान जलघर शामिल है। तीनों ही जलघरों से करीब 35 शहरी बूस्टर जुड़े हैं। इनके माध्यम से शहरवासियों की प्यास बूझ रही है। मगर पुराने जलघर से जुड़े छह मुख्य बूस्टरों में भी अब पानी सूखने लगा है, क्योंकि महम रोड स्थित जलघर के टैंक भी तलहटी तक सूखने के कगार पर आ गए हैं।
अधिकारियों की मानें तो सप्ताह भर में तीन से चार दिन राशनिंग से पेयजल आपूर्ति में काम चलाया जा सकता है। हालांकि नहर आने तक राशनिंग के जरिए पुराने शहर की आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं आएगी, लेकिन अगर नहरों में पानी का शेड्यूल लेट हुआ तो फिर जल संकट मई की शुरुआत में ही गंभीर रूप ले लेगा। मई की गर्मी में तपिश बढ़ने के साथ-साथ पानी की डिमांड और खपत भी बढ़ जाएगी। ऐसे में सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि 30 अप्रैल तक नहर में पानी आ जाएगा। 2250 क्यूसेक की डिमांड के मुकाबले पूरा नहरी पानी मिलने की उम्मीद है।
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अवैध पेयजल कनेक्शनों पर भी अधिकारियों ने शुरू की कार्रवाई
शहर में अवैध और लीकेज पेयजल कनेक्शनों पर भी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने 25 से अधिक अवैध कनेक्शनधारियों को नोटिस थमाए हैं, जिनके कनेक्शन अवैध होने के साथ लीक भी हो रहे हैं। जिन्हें जल्द से जल्द ये कनेक्शन नियमित करा इन्हें दुरुस्त कराने होंगे या फिर विभाग इन्हें स्थायी तौर पर काट देगा और इसका खर्च भी कनेक्शन धारक से ही वसूलेगा।
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महम रोड स्थित पुराने जलघर में पानी का भंडारण कम बचा है। इस लिहाज से पुराने शहर के बूस्टरों से एक दिन छोड़ एक दिन पानी की आपूर्ति दी जा रही है। नहर आने तक राशनिंग से पेयजल आपूर्ति में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। नहर में पानी आने और जलघर टैंकों में पर्याप्त भंडारण के बाद ही पेयजल आपूर्ति नियमित हो पाएगी।
-ताजदीन कनिष्ठ, अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
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नहरी पानी शेड्यूल के हिसाब से 30 अप्रैल को सुंदर ग्रुप में पानी पहुंच जाएगा। इस बार 2250 क्यूसेक पानी की डिमांड मुख्यालय को भेजी है। इसके बाद जूई, मिताथल फीडर और सुंदर सब ब्रांच में डिमांड के अनुरूप पर्याप्त नहरी पानी पहुंचने की उम्मीद है। प्राथमिकता के आधार पर जलघर के पानी टैंक और तालाबों में पर्याप्त भंडारण कराया जाएगा। गर्मियों के मौसम में पीने के पानी को लेकर किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी यमुना जल सेवाएं परिमंडल सिंचाई विभाग।