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Bhiwani News: अब जांच की कसौटी पर खरा उतरने पर ही होगा गांव में विकास कार्यों का भुगतान

Sat, 10 Jun 2023 11:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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 गांव बापोड़ा में ​स्थित ई- लाइब्रेरी।
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भिवानी। अब जांच की कसौटी पर खरा उतरने के बाद ही गांवों में कराए गए विकास कार्यों में कंस्ट्रक्शन एजेंसी को भुगतान होगा। जिले के 167 गांवों में ई-टेंडरिंग के जरिये विकास के काम चल रहे हैं। वहीं 75 गांवों में विकास कार्यों के टेंडर की प्रक्रिया अभी जारी है। गांव में विकास कार्य पूरा होने के बाद उस कार्य के जांच के सैंपल हिसार में अधिकृत लैब में भेजे जाएंगे। इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर ही कंस्ट्रक्शन एजेंसी को उसका पूरा भुगतान होगा। अगर सैंपल फेल आता है तो एजेंसी पर विभागीय कार्रवाई भी तय होगी।
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पंचायती राज तकनीकी विंग की ओर से अब तक गांवों में चल रहे विकास कार्यों के करीब 30 सैंपल जांच के लिए हिसार लैब भेजे जा चुके हैं। इनकी रिपोर्ट का इंतजार है। गांवों में छोटी सरकार के गठन को सात माह हो चुके हैं। ई-टेंडरिंग के जरिये गांवों में विकास कार्यों ने भी तेजी पकड़ी है। जिले के 312 गांवों में छोटे मोटे विकास कार्यों के साथ ई-टेंडरिंग के विकास कार्यों की डिमांड भी रोजाना विभाग के समक्ष आ रही हैं। जिले के 167 गांवों में ई-टेंडरिंग से विकास कार्यों का काम भी चल रहा है। इनमें मुख्यत: गलियों, नालियों व नालों के साथ श्मशान घाट के अंदर शेड का निर्माण काम शामिल है।
इन सभी कार्यों के बीच में भी विभागीय कर्मचारी गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं। अगर कोई गड़बड़ी नजर आती है तो कंस्ट्रक्शन एजेंसी को तुरंत उसे दुरुस्त कराने की हिदायतें भी दी जा रही हैं, लेकिन कार्य पूरा करने पर सबसे पहले उसके सैंपल लिए जाएंगे। जिसे जांच के लिए हिसार स्थित विभाग की अधिकृत लैब में भेजा जाएगा। वहां से सैंपल पास होने के उपरांत ही संबंधित कंस्ट्रक्शन एजेंसी को उसका पूरा भुगतान होगा।
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ई-टेंडरिंग से पहले गांवों में 20 लाख तक के विकास कार्य सीधे सरपंच के अधिकार क्षेत्र में आते थे। विकास कार्यों में न तो विभाग गुणवत्ता की जांच पर ध्यान देता था न ही कंस्ट्रक्शन करने वाली एजेंसी की कोई वारंटी की गारंटी रहती थी। इस तरह गांव में विकास पर बजट तो खर्च होता, मगर उसका लाभ पूरी तरह से गांव को नहीं मिल पाता था। ऐसे में अब गांव के सरपंच विकास कार्यों पर निगरानी रखेंगे, लेकिन एजेंसी को भुगतान उसके कार्य की गुणवत्ता की जांच के बाद ही होगा। इससे गांव में विकास के साथ कार्य भी बेहतर होगा जिसका लंबे अर्से तक गांव को फायदा भी मिलेगा। संवाद





तालाब योजना में भी अधिकारियों की कमेटी करेगी निरीक्षण, फिर होगा भुगतान
भिवानी जिले में गांव में तालाब योजना शुरू की हुई है। इसमें गांव के ऐतिहासिक जोहड़ों के अंदर मिट्टी छंटाई का काम और जोहड़ के पानी को शुद्ध किए जाने के लिए भी वहां ट्रीटमेंट चेंबर बनाए जा रहे हैं। जिले के करीब 25 गांवों में तालाब तैयार हो रहे हैं। इन कार्यों का जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों की निगरानी में बनी कमेटी निरीक्षण करेगी। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही भुगतान किया जाएगा।

ई-टेंडरिंग के जरिये गांवों में पांच लाख से लेकर 20 लाख तक के विकास कार्य शुरू किए गए हैं। जिन पर करीब 20 से लेकर 50 फीसदी तक काम भी हो चुका है। कुछ कार्य पूरे हुए हैं, जिनमें 30 सैंपल भी लेकर जांच के लिए हिसार लैब भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कार्यों का भुगतान संबंधित कंस्ट्रक्शन एजेंसियों को किया जाएगा।
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-प्रवीन बजाज, एसडीओ पंचायती राज तकनीकी विंग भिवानी
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