भिवानी। अब शहर में घूम रहे लावारिस नंदी के उत्पात पर नगर परिषद पाबंदी लगाएगी। इसके लिए नगर परिषद ने ठेकेदार को लावारिस नंदी पकड़ने के ठेके का वर्क ऑर्डर अलॉट कर दिया है। इसके बाद अगले सप्ताह से ठेकेदार शहर से लावारिस नंदी पकड़ने का काम भी शुरू कर देगा।
लावारिस नंदी की वजह से एक सप्ताह में एक दस साल के बच्चे सहित तीन लोग गंभीर रूप से चोटिल हो चुके हैं। लावारिस नंदियों के झगड़े और भीड़ भरे बाजारों में खाने की चीजों को लेकर होने वाली भिड़ंत की वजह से दुकानदारों को भी काफी नुकसान झेलना पड़ता है। शहर से पकड़े गए नंदियों को नंदीशाला में छोड़ा जाएगा। नगर परिषद की नंदीशाला में पहले से ही 593 नंदी हैं। प्रति नंदी पकड़ने पर करीब 1100 रुपये का भुगतान नगर परिषद की ओर से किया जाएगा।
शहर के 31 वार्डों में करीब ढाई लाख की आबादी है। इसके अलावा भी शहर की हद आसपास के गांवों तक पहुंच रही है। ग्रामीण दायरे से किसानों द्वारा फसल बर्बाद करने की वजह से लावारिस पशु शहर की तरफ भेजे जा रहे हैं। इसकी वजह से शहर में लावारिस गोवंश की तादाद भी लगातार बढ़ रही है।
कूड़े के ढेर और खाने की चीजों को लेकर लावारिस गोवंश में आपस में टकराव और भिड़ंत होने से चपेट में आने वाले लोग भी चोटिल हो रहे हैं। अगर एक माह की बात करें तो करीब 25 से अधिक लोगों को लावारिस गाेवंश चोटिल कर चुके हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल लाना पड़ा।
इसी सप्ताह ढाणी गुजरान के समीप दो सांड़ों की भिड़ंत में दस साल का लड़का रवींद्र भी गंभीर रूप से चोटिल हुआ। इसे एक सांड ने सींगों से उठाकर पटक दिया था। इस हादसे में बच्चे की जान तो बच गई। लेकिन उसे गहरे जख्म मिले हैं। नगर परिषद ने शहर से लावारिस नंदी पकड़ने का पिछले माह टेंडर कराए थे, जिसके बाद अब ठेकेदार को वर्क ऑर्डर अलॉट कर दिया है। ठेकेदार की टीम अगले सप्ताह से शहर में लावारिस पशु पकड़ने का काम शुरू करेगी।
नंदीशाला में 593 नंदी, नए के लिए नहीं है शेड
नगर परिषद की हालुवास गेट पर नंदीशाला बनी है। इसका रखरखाव और संचालन नंदीशाला सेवा दल कर रहा है। लावारिस नंदियों के लिए दो नए शेड तैयार कराए। इसके अलावा चारा कटाई और चारा भंडारण के लिए भी अलग से शेड है। यहां 593 नंदी हैं। लेकिन नए नंदियों के लिए अब शेड और पक्का फर्श नहीं है। अगर नए नंदी छोड़े जाते हैं तो यहां पर नए शेड और कुछ दायरे में पक्का फर्श की दरकार भी बनेगी। हालांकि नगर परिषद ने दो करोड़ के बजट से नए शेड और नंदीशाला का दायरा बढ़ाने की योजना बनाई थी, जिस पर अभी मामला ठंडा है।
नया बाजार में रातभर सड़कों पर लावारिस पशुओं के झुंड घूमते हैं, जिसकी वजह से बुजुर्ग लोगों को तो घर से बाहर निकलने से भी डर लगता है। इनके पास से अगर कोई गुजरता है तो उसे चोटिल करने में जरा सी भी देर नहीं लगाते। यहां फूल मार्केट भी है। रात को बचा हुआ सामान दुकानदार बाहर फेंक देते हैं, इस पर भी लावारिस गोवंश मंडराते रहते हैं। लावारिस गोवंश पकड़ने के लिए नगर परिषद जल्द कदम उठाए।
-पवन कुमार, नया बाजार क्षेत्रवासी।
मेरे सामने लावारिस पशुओं की वजह से काफी हादसे हो चुके हैं। मैं खुद भी लावारिस पशुओं की चपेट में आते-आते बचा हूं। शहर के अंदर लावारिस पशु आक्रामक होकर आपस में झगड़ने लगते हैं। कई बार तो ये लड़ते हुए दुकानों के अंदर तक घुस जाते हैं, कोई नहीं जानता कि जानमाल का कितना नुकसान ये कब कर दें। ऐसे में इन्हें पकड़कर नंदीशाला या फिर गोशाला में छोड़ने से ही शहरवासी सुरक्षित रह सकते हैं।
- अमर सिंह, वार्ड नंबर सात निवासी।
नंदीशाला में कुछ अर्से पहले ही पशुपालन विभाग की ओर से 70 से 80 नंदी यहां छोड़े गए थे। शहर से पकड़े गए लावारिस नंदियों को यहां छोड़े जाने से संस्था को कोई एतराज नहीं हैं, लेकिन इससे पहले यहां नगर परिषद की ओर से जरूरी व्यवस्थाएं कराई जाएं, ताकि उनका उचित रखरखाव किया जा सके। नंदीशाला में नए शेड और कुछ हिस्से में पक्का फर्श बनाए जाने की योजना संस्था ने दानवीरों के सहयोग से बनाई थी, लेकिन ये काम नगर परिषद खुद कराना चाहती है। अगर जल्द शेड और फर्श बन जाएगा तो लावारिस गोवंश को यहां लाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
- अमित बंसल, संस्थापक सदस्य, नंदीशाला सेवा दल भिवानी।
नगर परिषद ने शहरी दायरे से लावारिस पशुओं को पकड़ने का एक साल के लिए वर्क ऑर्डर अलॉट कर दिया है। ठेकेदार अगले सप्ताह से ही काम शुरू कर देगा। प्रति नंदी पकड़ने पर करीब 1100 रुपये का भुगतान नगर परिषद की ओर से किया जाएगा। शहर को जल्द ही लावारिस पशु रहित बनाने का हमारा प्रयास रहेगा।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद, भिवानी।