भिवानी। अब पुराने शहर की करीब 60 साल पुरानी दस फीसदी मुख्य सीवर लाइन की जगह नई सीवर लाइन डाली जाएगी। वहीं दिसंबर के अंत इसका काम शुरू होने की उम्मीद है। शहर के आठ किलोमीटर दायरे में पुराने सीवर मैनहोल भी आरसीसी पैटर्न पर बनाए जाएंगे। इसके लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने सरकुलर रोड की मुख्य सीवर लाइन पर 97 पुराने सीवरमैनहोल को चिह्नित कर दिया है, जिन्हें नए सिरे से बनाया जाएगा।
नगर परिषद के खुले बरसाती नालों के जरिए अब मुख्य सीवर लाइन में प्लास्टिक कचरा और अन्य ठोस कचरा जाने से भी रोका जाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग डेढ़ सौ बिंदुओं पर स्क्रीन और चैंबर निर्माण कराएगा। सबसे अहम शहरी दायरे के नौ किलोमीटर दायरे में मुख्य सीवर लाइन की करीब 30 करोड़ के बजट से सीआईपीपी का काम कराया जाएगा। इसके बाद उस हिस्से की सीवर लाइन की 20 साल तक की उम्र बढ़ जाएगी और इस अवधि के दौरान किसी भी तरह की रुकावट की वारंटी दायरे में ही दुरुस्त करने का काम भी होगा।
भिवानी शहर की मुख्य सीवर लाइन करीब छह दशक पुरानी होने को है। यही वजह है कि शहर की करीब दस फीसदी सीवर लाइन को अब बदली कर नए सिरे से तैयार किया जाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने उन हिस्सों को चिह्नित कर दिया है, जहां सीवर लाइन बहुत पुरानी होने पर जर्जर हाल है, या उस सीवर लाइन पर ज्यादा दबाव है, जबकि कुछ जगहों पर सीवर लाइन में ज्यादा मिट्टी पहुंचने से ठप हो गई है। जिस सीवर लाइन के रखरखाव में ही ज्यादा खर्च आ रहा है, उसे अब नए सिरे से बनाया जाएगा।
करीब सात किलोमीटर दायरे की पुरानी सीवर लाइन को बदलने का खाका तैयार हुआ है। जिस पर करीब चार करोड़ का बजट भी खर्च आएगा। नगर परिषद के शहरी दायरे में करीब आठ से दस किलोमीटर दायरे में खुले बरसाती नाले भी बने हैं, इन नालों का गंदा और बरसाती पानी सीधे सीवर लाइन में पहुंच रहा है। इनके जरिए ही मुख्य सीवर लाइन में प्लास्टिक और ठोस कचरा भी पहुंच रहा है, जो मुख्य सीवर लाइन को भी जाम कर रहा है।
इस समस्या समाधान के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने करीब डेढ़ सौ बिंदुओं को चिह्नित कर दिया है, जहां अब स्क्रीन लगाई जाएंगी और चैंबर का निर्माण होगा। जिसके बाद प्लास्टिक और ठोस कचरा मुख्य सीवर लाइन में जाने से रोका जाएगा। शहर के अंदर आठ किलोमीटर दायरे में सरकुलर रोड और मुख्य सीवर लाइन है। इस सीवर लाइन में 97 पुराने सीवर मैनहोल चिह्नित किए हैं, जिनकी जगह आरसीसी के नए सीवर मैनहोल तैयार किए जाएंगे। जबकि मुख्य सीवर लाइन में कोई बदलाव नहीं होगा। इस पर करीब 13 करोड़ का बजट खर्च होगा। संवाद
शहर के बाहरी दायरे की मुख्य सीवर लाइन की होगी सीआईपीपी
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहर के रोहतक रोड, महम रोड, हांसी रोड, लोहारू रोड, दिनोद रोड, तोशाम बाईपास, पीपलीवाली जोहड़ी मार्ग की मुख्य सीवर लाइन की सीआईपीपी का काम भी कराएगा। यहां करीब नौ किलोमीटर दायरे की मुख्य सीवन लाइन को चिह्नित किया गया है, जहां करीब 30 करोड़ के बजट से सीआईपीपी का काम कराया जाएगा। इसके अलावा शहर के सरकुलर रोड की मुख्य सीवर लाइन की सीआईपीपी का काम करीब 15 साल पहले हो चुका है। अब शहरी दायरे के बाहर की मुख्य सीवर लाइन का भी सीआईपीपी कराया जाएगा।
पुराने शहर की कॉलोनियों के अंदर करीब 60 साल पुरानी सीवर लाइनें डली हैं, इनके सीवर मैनहोल भी उस समय की आबादी के हिसाब से बने थे, मगर अब शहरी दायरे के सीवर सिस्टम पर अत्यधिक दबाव बना हुआ है। इसकी वजह से पुरानी हो चुकी सीवर लाइन या तो क्षतिग्रस्त हो जाती है या फिर उसमें बड़ी रुकावट पैदा होने लगी है। इसलिए इसके डिजाइन में बदलाव कर इसकी क्षमता बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है।
-संदीप यादव, नगर पार्षद, भिवानी।
शहर की कॉलोनियों में ठप सीवर रहने से लोगों को गंदे पानी की आपूर्ति की समस्या भी झेलनी पड़ती है। शहरी दायरे का सीवर सिस्टम प्राकृतिक प्रवाह के तौर पर काम करता है। जबकि यहां पर पॉलीथिन और ठोस कचरा भी मुख्य सीवर लाइन में जाने से रुकावट पैदा हो रही है। मुख्य सीवर लाइन में प्लास्टिक कचरा और ठोस कचरा जाने से रोकने के लिए भी पुख्ता प्रबंध बेहद जरूरी हैं, जिसके बाद ही शहर का सीवर सिस्टम ठीक से काम कर सकता है।
-सुभाष तंवर नगर पार्षद भिवानी।
पुराने शहर की करीब दस फीसदी सीवर लाइन को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग जगहों पर सीवर लाइन को चिह्नित किया जा चुका है। इसी के साथ बरसाती नालों का पानी मुख्य सीवर लाइनों में जहां-जहां जा रहा है वहां पर विभाग स्क्रीन और चैंबर निर्माण कराएगा, ताकि प्लास्टिक कचरा सीवर के अंदर जाने से रोका जा सके। इसके लिए कंक्रीट का ढांचा तैयार होगा। वहीं शहर के मुख्य रास्तों की सीवर लाइन की भी सीआईपीपी का काम विभाग जल्द कराएगा।
- आशीष कुमार, कनिष्ठ अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।