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Bhiwani News: अब बहल में पशु-पक्षियों के लिए बनाए जाएंगे अस्थायी तालाब

Mon, 03 Jun 2024 04:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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 दलानी जोहड़ी में बनाया जा रहा अस्थायी तालाब जिसमें टैंकरों से पानी भरा जाएगा। 
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बहल। बढ़ती गर्मी में जहां आमजन के लिए जगह-जगह पर पेयजल की समस्या बन रही है। वहीं पशु-पक्षियों के लिए भी पानी का संकट बना हुआ है। जोहड़ सूखने से बनी पानी की समस्या से त्रस्त पशु-पक्षियों की मदद के लिए कुछ लोग एक नई पहल कर आगे आए हैं। इन बेजुबानों के लिए पानी की व्यवस्था करने के लिए पहले से बने बड़े जोहड़ों में छोटे अस्थायी तालाब बनाने की योजना बनाई है। इसकी पहल कस्बे के दलानी जोहड़ से की गई है।
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राजस्थान सीमा को जाने वाले बालाण मार्ग पर बने दलानी जोहड़ में एक छोटा अस्थायी जोहड़ बनाकर उसमें टैंकरों से पानी भरा जाएगा। समाजसेवी लोग उस जोहड़ की प्रतिदिन देखभाल करेंगे और उसमें जरूरत के मुताबिक पानी डालते रहेंगे। इस तरह से इस क्षेत्र में पशु-पक्षियों के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था होती रहेगी। बहल युवा एकता संगठन द्वारा सोची गई योजना पर कुछ समाजसेवी लोगों ने इस नेक काम में अपना योगदान देने की पहल की है। संगठन द्वारा दलानी जोहड़ में अस्थायी तालाब को बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसमें हर रोज दो टैंकर पानी डाला जाएगा। जरूरत पड़ने पर घटाया, बढ़ाया जा सकेगा। पानी की व्यवस्था के लिए कस्बे के अनेक समाजसेवी लोग आगे आ रहे हैं।


डेढ़ फीट गहरा और 40 फीट एरिया का बनाया जा रहा है तालाब

यह अस्थायी तालाब करीब डेढ़ फीट गहरा होगा। जिसकी तलहटी पक्की की जाएगी ताकि पानी ज्यादा देर तक ठहर सके। यह करीब 20 फीट चौड़ा व करीब 20 फीट लंबा होगा। इसमें एक बार में करीब 4 से 5 हजार लीटर पानी स्टोर किया जा सकेगा। इसके निर्माण पर करीब 25 से 30 हजार रुपये खर्चा आएगा जो समाजसेवी लोगों द्वारा वहन किया जाएगा। इसमें प्रतिदिन दो टैंकर पानी डाला जा सकेगा। टैंकर की व्यवस्था श्री अलख गोशाला द्वारा की जाएगी।
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बहल युवा एकता संगठन के पोस्ट पर अधिकारियों ने लिया संज्ञान

बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था की मांग बहल युवा एकता संगठन द्वारा एक्स पर पोस्ट कर उठाई गई थी। संगठन द्वारा मांग की गई थी कि जो जोहड़ नहर किनारे लगते हैं, उनको नहरों से पाइप लाइन द्वारा भरे जाएं। ताकि गर्मी के मौसम में पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था हो सके। युवा संगठन की मांग पर नहर विभाग हरकत में आया और अधिकारियों ने उन उन तालाबों को चिह्नित किया, जिनमें ऐसी व्यवस्था हो सकती है। अधिकारियों ने सबसे पहले नहर के साथ लगते दलानी जोहड़ का जायजा लिया और वहां डाली गई लाइन के लिए एस्टीमेट बनाया। गौरतलब है कि कुछ समय पहले वित्त मंत्री जेपी दलाल के प्रयासों से इस जोहड़ को नहर से जोड़ा गया था। लेकिन बाद में यह लाइन किसी अन्य कार्य के चलते डैमेज हो गई थी।


कस्बे की हर दिशा में छोड़े गए थे जोहड़
पशु-पक्षियों को पर्याप्त पानी की व्यवस्था होती रहे इस बात को ध्यान में रखकर पूर्वजों ने कस्बे की हर दिशा में जोहड़ बनाए थे। इनमें कोलाणा जोहड़, दलानी जोहड़, तेलनवानी जोहड़, रामाणा जोहड़, खामसाना जोहड़ सहित अन्य प्रमुख जगह जहां चारागाह भूमि छोड़ी थी। वहीं पर जोहड़ बनाए थे ताकि जंगल में चरने वाले पशुओं व पक्षियों को पानी मिल सके।



कस्बे में पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं है। सूखे जोहड़ों को नहरों से जोड़ने की मांग उठाई गई है। जिस पर अधिकारियों ने संज्ञान भी लिया है। इसके अलावा वैकल्पिक व्यवस्था के लिए छोटे व्यास के अस्थायी तालाब बनाने की मुहिम शुरू की है। जिस पर एक समाजसेवी ने दलानी जोहड़ में ऐसा तालाब बनाने के लिए सहयोग दिया है। उनका संगठन के माध्यम से आग्रह है कि सभी जोहड़ों में ऐसी व्यवस्था के लिए लोग अपना योगदान दें।
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-योगेश शर्मा योगी, प्रधान, बहल युवा एकता संगठन, बहल।
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