भिवानी। अब सुंदर नहर और मित्ताथल फीडर में पानी बंद हो गया है, सिर्फ जूई फीडर में मात्र 700 क्यूसेक पानी मिल रहा है। सुंदर सिस्टम में 2250 क्यूसेक पानी की डिमांड के मुकाबले सिर्फ मात्र 700 क्यूसेक पानी ही पहुंचा है। ऐसे में निनान जलघर में एक पानी का टैंक आधा भरा है जबकि दूसरा टैंक में भी मात्र दो फीट पानी ही भरा गया है।
महम रोड स्थित पुराने जलघर में मात्र दस फीसदी पानी का भंडारण ही हुआ है। शहर को जल संकट से बाहर निकलने में अभी तीन दिन और लगेंगे। अगर सही मायने में पानी आपूर्ति की व्यवस्था की बात करें तो पूरा जून ही जल संकट में गुजरेगा, क्योंकि विभाग रोजाना आपूर्ति बहाल करने के बजाय थोड़ा सप्लाई का समय बढ़ाने पर ही मंथन कर रहा है।
सुंदर सिस्टम की नहरों में नौ जून को पानी की आपूर्ति दी जा रही है। हालांकि इससे पहले नहरों में तीन दिन अतिरिक्त पानी भी दिया है। बावजूद इसके शहर के जलघर टैंक अभी खाली हैं। सुंदर सब ब्रांच नहर में पानी बंद है। इसी के साथ मित्ताथल फीडर भी वीरवार को बंद कर दी गई है। इसके बाद शुकवार को जूई नहर में मात्र 700 क्यूसेक पानी मिला है।
जूई फीडर में 900 क्यूसेक पानी की डिमांड है। भिवानी शहर के तीन मुख्य जलघर हैं, इसमें निनान जलघर के दो टैंकों में एक टैंक पानी से आधा भरा है जबकि दूसरे टैंक में मात्र दो फीट पानी ही जुटा है। पुराना जलघर के टैंकों में बेहद धीमी गति से पानी की आपूर्ति हो रही है। इस लिहाज से पुराना जलघर टैंकों में मात्र दस फीसदी भंडारण है।
शहर में मिल रहा है एक दिन छोड़ एक दिन पानी
शहर के अंदर तीन मुख्य जलघरों से अभी भी रोजाना पानी की आपूर्ति नहीं मिल रही है। शहर को एक दिन छोड़ एक दिन पानी दिया जा रहा है। पुराना जलघर में पानी के टैंक आधे से ज्यादा होने पर ही शहर में पानी की आपूर्ति नियमित होने की संभावना है। ऐसे में जूई फीडर से नहरी पानी निनान जलघर को दिया जा रहा है। जबकि थोड़ा बहुत पानी ही पुराने जलघर तक आ रहा है। इसमें भी खास दो नए टैंक अभी पूरी तरह से खाली पड़े हैं, जब तक इन टैंकों में पानी का भंडारण नहीं होता तब तक शहर को जल संकट से उबरने की उम्मीद नहीं है।
जिले के 94 गांवों में अभी आधे भरे हैं पानी के टैंक
भिवानी जिले के सुंदर सिस्टम की सुंदर, जूई और मित्ताथल से करीब 94 गांव जुड़े हैं। इनके जलघर टैंकों में अभी मात्र 30 से लेकर 50 फीसदी तक ही पानी का भंडारण हुआ है। सुंदर नहर के करीब 23 गांवों के टैंक हैं जबकि मित्ताथल पर भी करीब 11 गांवों के पानी टैंक शामिल हैं। नहरों में पानी 24 जून तक मिलेगा। ऐसे में इन जलघरों में अधिकांश पानी से लबालब होंगे तो कुछ टैंक भरने से पहले ही नहर बंद होने की भी आशंका है, क्योंकि सिंचाई विभाग ने 2200 क्यूसेक पानी मांगा था, मगर इसके मुकाबले अभी तक 750 क्यूसेक ही मिला है। शहर के अलावा गांवों में भी पीने के पानी को लेकर संकट बना है।
हमने मुख्यालय से 2200 क्यूसेक पानी की डिमांड रखी थी, मगर फिलहाल 750 क्यूसेक पानी ही मिला है। जूई फीडर में पानी मिल रहा है। ग्रामीण और शहरी जलघर टैंकों को पानी की लगातार आपूर्ति मिल रही है। हमारी प्राथमिकता सभी जलघर टैंकों और जोहड़ों को पानी से लबालब भरने की है।
-अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता, जूई वाटर सर्विसेज सिंचाई विभाग, भिवानी।
शहर के जलघर टैंकों में अभी पानी का भंडारण संतोषजनक नहीं हुआ है। फिलहाल निनान जलघर के टैंकों को जूई नहर से पानी की आपूर्ति मिल रही है। वहां एक टैंक आधा भरा है, जबकि पुराना जलघर में मात्र दस फीसदी भंडारण है। पानी की आपूर्ति को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
-ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।