भिवानी। अब खेल के सामान के अभाव में ग्रामीण खेल प्रतिभा दम नहीं तोड़ेगी। इसके लिए खेल विभाग संबंधित गांवों की ग्राम पंचायतों को खेल सामान उपलब्ध कराएगी। इसका इस्तेमाल उस गांव के युवा अपने खेल कौशल को निखारने में कर सकेंगे।
खेल विभाग ने शुरुआत में छह खेलों को चिह्नित किया है। इनमें हैंडबाल, वॉलीबाल, बास्केटबाल, क्रिकेट, कुश्ती और जूडो शामिल हैं। इन खेलों से जुड़ा खेल सामान कोई भी ग्राम पंचायत खेल विभाग से प्राप्त कर सकती है। इसके लिए ग्राम पंचायत की तरफ से खेल विभाग का एक प्रफोर्मा पर आवेदन करना होगा। इसके बाद खेल विभाग उस पंचायत को संबंधित खेल का सामान मुहैया करा देगा। इस ग्राम पंचायत को खेल विभाग संबंधित खेल का सामान देगा, गांव में उस खेल का मैदान होना भी अनिवार्य है। भिवानी जिले में 312 गांव और दस राजीव गांधी ग्रामीण खेल स्टेडियम बने हुए हैं।
हरियाणा खेल विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। इसके तहत अब सीधे खिलाड़ियों को नहीं बल्कि ग्राम पंचायतों को खेल विभाग खेल सामान उपलब्ध कराएगा। ये खेल सामान ग्रामीण खेल प्रतिभाओं का कौशल निखारने में इस्तेमाल किया जाएगा।
ग्रामीण स्तर पर अब भी अधिकांश गांवों में खेल स्टेडियम नहीं हैं। बावजूद इसके फिर भी ग्रामीण क्षेत्र के युवा अपने बूते ही खेल कौशल को निखार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल उपलब्धियां पा रहे हैं। भिवानी जिले में गांव अलखपुरा बेटियों की फुटबाल के लिए विश्वविख्यात है, क्योंकि गांव की काफी बेटियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फुटबाल में अपनी खेल उपलब्धियां अपने बूते ही हासिल की हैं।
योजना के अनुसार खेल विभाग की ओर से मुहैया कराए जाने वाला खेल सामान छह से आठ हजार रुपये कीमत का होगा। हालांकि खेल विभाग ये सामान खुद बड़े स्तर पर खरीद करेगा और इसका वितरण भी ग्राम पंचायतों की डिमांड के अनुसार कर सकेगा। ग्राम पंचायत खेल विभाग के निर्धारित प्रफोर्मा पर खेल सामान के लिए जिला खेल अधिकारी कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। जिन्हें संबंधित खेल का सामान निशुल्क मिलेगा। संवाद
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शहरी दायरे में पार्षदों को भी मुफ्त मिलेगा खिलाड़ियों के लिए खेल सामान
ग्राम पंचायतों के साथ साथ शहरी दायरे में नगर परिषद की हद में आने वाले इलाकों में पार्षदों को भी छह खेलों के लिए मुफ्त खेल सामान मिलेगा। इसमें हैंडबाल, क्रिकेट, कुश्ती, जूडो, वॉलीबाल, बास्केटबाल शामिल है। पार्षद भी ग्राम पंचायतों की तरह ही खेल विभाग के निर्धारित प्रफोर्मा पर आवेदन कर खेल सामान की डिमांड करेंगे। प्रत्येक खेल के लिए खेल किट और सामान निर्धारित किया गया है।
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जिले में 15 हजार से अधिक खेल प्रतिभाएं
भिवानी जिले में 15 हजार से अधिक खेल प्रतिभाएं हैं। जो ग्राम स्तर पर खेल अभ्यास कर जिले, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची हैं। वहीं जिले में करीब 55 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी हैं, जिनकी खेल उपलब्धियां विश्व स्तर पर जानी जाती हैं। अधिकांश जूनियर खिलाड़ी स्कूल स्तर से ही तैयार किए जाते हैं, जिनकी संख्या भी करीब दस हजार से अधिक है।
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ग्रामीण और शहरी दायरे में खेल प्रतिभाओं के खेल कौशल को निखारने के लिए खेल विभाग की तरफ से ग्राम पंचायतों व पार्षदों को खेल सामान मुहैया कराए जाने की योजना है। ये सामान संबंधित खेल के खिलाड़ियों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए उस क्षेत्र में संबंधित खेल का मैदान होना अनिवार्य है। ग्राम पंचायतें खेल विभाग से खेल सामान की डिमांड कर सकती हैं, उसी खेल का सामान उन्हें निशुल्क दिया जाएगा।
-धुरेंद्र सिंह हुड्डा, जिला खेल अधिकारी भिवानी।