अशोक भारद्वाज
भिवानी। अब सभी निजी और सरकारी स्कूलों में पहली क्लास में 6 साल के बच्चे को ही दाखिला मिलेगा। छह साल से कम उम्र के बच्चे दाखिले के पात्र नहीं होंगे। हालांकि पिछले साल सरकार ने पहली कक्षा में दाखिले के लिए साढ़े 5 साल उम्र तय की थी। नए फैसले के पीछे की वजह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 बताई गई है। इसे नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू किया जाएगा।
इस संबंध में स्कूल शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर दिया है। इससे पहले 5 साल की उम्र में बच्चे को पहली क्लास में एडमिशन दे दिया जाता था। मगर 2024-25 के सत्र में सरकार ने दाखिले की उम्र साढ़े 5 साल कर दी थी। जिसे अब 6 महीने और बढ़ा दिया गया है। इस बारे में सरकार द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों और प्रिंसिपल व स्कूल प्रभारियों को निर्देश भेज दिए गए हैं।
राइट टू एजुकेशन एक्ट से बच्चों को मिलेगी 6 महीने की छूट
स्कूल शिक्षा निदेशालय के मुताबिक शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जिन बच्चों की उम्र 1 अप्रैल 2025 को 6 साल पूरी होगी। वहीं पहली क्लास में दाखिला ले सकेंगे। हालांकि जिन बच्चों की उम्र 1 अप्रैल 2025 को 6 साल से कुछ कम होगी उन्हें फिर राइट टू एजुकेशन एक्ट 2009 के नियम 10 के तहत 6 महीने की छूट मिलेगी।
पहले से पढ़ रहे बच्चों को कम उम्र में भी एडमिशन
स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी किए गए पत्र में यह भी कहा गया है कि जो बच्चे 1 अप्रैल 2025 को पहली क्लास में जाने वाले हैं। उनका एडमिशन न रोका जाए। उन्हें आयु सीमा यानी 6 साल उम्र पूरी न होने पर भी पहली क्लास में पढ़ने दिया जाए। उन्हें पूरे एक साल के लिए पीछे न किया जाए।
नए सत्र से पहली कक्षा में दाखिले के लिए बच्चे की उम्र छह साल होनी चाहिए। एक अप्रैल तक जिन बच्चों की उम्र छह साल होगी। वे पहली कक्षा में दाखिले के पात्र होंगे। इसके लिए विभाग द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। - शिव कुमार तंवर, कार्यवाहक, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।