भिवानी। अब शहरी दायरे में 425 के बजाय 550 किलोमीटर का नया दायरा सफाई के लिए चुना जाएगा। इसके लिए नगर परिषद शहर में सफाई संसाधन और बढ़े हुए दायरे का आकलन कर मसौदा तैयार करने में जुटी है।
शहर के 31 वार्डों में सफाई का पोर्टल पर ऑनलाइन टेंडर लगाया था तो तकनीकी कारणों से गायब हो गया। जिसके बाद नगर परिषद ने अब साफ सफाई के लिए शहर के बढ़े हुए दायरे को भी शामिल किए जाने का निर्णय लिया है। उसी हिसाब से अब नए सिरे से सफाई का मसौदा नगर परिषद तैयार कर रही है। जबकि पहले सफाई का मसौदा 2019 की रिपोर्ट के आधार पर तैयार हुआ था।
भिवानी शहर में नई वार्डबंदी के बाद कई वार्डों के साथ शहर का दायरा भी अब पिछले चुनावों के मुकाबले काफी बढ़ा है। इस बढ़े हुए दायरे के हिसाब से सफाई का अब नया मसौदा तैयार होगा, जिसमें शहर को दो हिस्सों में बांटा गया है। इसके चार जोन भी बनाए हैं। हालांकि पहले वाले मसौदे में भी चार जोन थे, लेकिन इन जोन में किलोमीटर का दायरा और सफाई कर्मचारियों की स्थिति को लेकर संशय बना रहा। मगर अब चार अलग-अलग जोन में सफाई के संसाधन, सफाई का तरीका, सफाई की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मसौदा तैयार होगा। इसी हिसाब से इनमेें कर्मचारियों की तैनाती होगी।
भिवानी शहर में सफाई के लिए नगर परिषद के पास करीब ढाई सौ कर्मचारी हैं। इनमें नियमित और अनुबंधित दोनों शामिल हैं। लेकिन चार जोन में ठेका पर काम दिए जाने के बाद बढ़े हुए शहरी दायरे में कंपनी अपने कारिंदों से ही रोजाना सफाई कराएगी। फिलहाल सफाई कर्मचारियों की कमी की वजह से अधिकांश इलाकों में सफाई नहीं हो पा रही है। संवाद
अब नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के बजाय सीईओ के पास हस्ताक्षर की पावर
अब नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की हस्ताक्षर शक्ति भी सीईओ के हाथों में पहुंच गई है। इतना ही नहीं नगर परिषद के अधिकारी नगर परिषद में विकास मसौदों के साथ लोगों के जरूरी कार्यों के मामलों में केवल अनुशंसा ही कर सकते हैं। भिवानी शहर में कई विकास के मसौदे अभी प्रक्रिया में उलझे हैं, जिसमें अधिकारियों की वित्तीय शक्तियों को लेकर हुए फेरबदल भी एक वजह बन रही है। क्योंकि जो अधिकारी पहले मसौदों पर सीधी मुहर लगाते थे, अब वे अपने टेबल से आगे फाइल उच्चाधिकारियों के टेबल तक पहुंचाने पर की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, ऐसे में उच्चाधिकारियों पर पहले से ही काम का बोझ अधिक है। ये अधिकारी या तो अपने अतिरिक्त पदभार का दायित्व किसी दूसरे अधिकारी को देने के लिए अधिकृत करें या फिर खुद उन्हें प्राथमिकता से निपटाए। अभी इसको लेकर भी मंथन ही चल रहा है।
स्ट्रीट लाइट मेंटनेंस का भी होगा जल्द ठेका, अधिकारियों ने तैयार किया प्रपोजल
नगर परिषद शहरी दायरे में स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव और मरम्मत कार्य का भी अब जल्द ठेका होगा। हालांकि नगर परिषद फिलहाल शहर में अपने स्तर पर मेंटनेंस का काम करा रहा है। लेकिन नए टेंडर होने के बाद शहर के अंदर खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को बदलने व नई जगहों पर लाइटें लगाने का काम भी संभव हो पाएगा। इसकी प्रक्रिया अभी चल रही है।
नगर परिषद ने शहर के अंदर सफाई के कार्य का नया प्रपोजल तैयार किया है। इस प्रपोजल में पहले से अधिक शहर का दायरा बढ़ा है। बढ़े हुए दायरे और फिलहाल सफाई के संसाधनों को ध्यान में रखते हुए इसमें कुछ जरूरी बदलाव किए गए हैं। पहले सफाई का टेंडर पोर्टल की तकनीकी खामी की वजह से कैंसिल हो गया था। जिसे अब नए सिरे से तैयार कराकर मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। नए मसौदे में शहर की सफाई का दायरा करीब 550 किलोमीटर रखा गया है।
-भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।