भिवानी। नगर परिषद की हद से बाहर अब शहर में अवैध कॉलोनियों को वैध किए जाने के लिए नौ मीटर सड़क चौड़ी होने की शर्त में राहत मिल गई है। अब नौ मीटर की जगह सिर्फ छह मीटर चौड़ी गली की अवैध कॉलोनियां भी नियमित होने के दायरे में आएंगी।
भिवानी शहर में नगर परिषद की हद से बाहर करीब 300 एकड़ क्षेत्रफल में अवैध कॉलोनियों का जाल फैला हुआ है। जिला नगर योजनाकार विभाग ने दो एकड़ से अधिक की अवैध कॉलोनियों को शर्त पूरा करने पर वैधता के दायरे में लाने के लिए 14 जुलाई तक आवेदन की मोहलत भी दी है। वहीं अब तक ऐसी नौ बड़ी कॉलोनियों को नियमित किए जाने के लिए विभाग के समक्ष आवेदन भी आए हैं।
जिला नगर योजनाकार विभाग में अवैध कॉलोनियों को नियमित किए जाने के लिए एक जुलाई 2022 को पॉलिसी बनाई गई। जिसके बाद जिले में नगरपालिका और नगर परिषद की हद से बाहर की अवैध कॉलोनियों को नियमित किए जाने के लिए शुरुआती दौर में नौ मीटर चौड़ी गलियों की शर्त अनिवार्य की गई थी। लेकिन अब नौ मीटर की जगह सिर्फ छह मीटर चौड़ी गलियों वाली पुरानी अवैध कॉलोनियों को वैध किया जाएगा। इसके लिए अवैध कॉलोनी काटने वाला कॉलोनाइजर या फिर उस कॉलोनी के बाशिंदों की कोई रजिस्टर्ड कमेटी एवं कुछ चुनिंदा पदाधिकारी इसके लिए मैनुअल तरीके से जिला नगर योजनाकार विभाग में आवेदन भी 14 जुलाई तक कर सकते हैं।
दस साल में बढ़ गया भिवानी का क्षेत्रफल डेढ़ गुना
भिवानी शहर का पिछले एक दशक में क्षेत्रफल करीब डेढ़ गुणा तक बढ़ गया है। भिवानी शहर का दायरा रोहतक रोड पर गांव निनान तक और महम रोड पर गांव कालुवास तक पहुंच गया है। इसी तरह कोंट रोड पर गांव कोंट तक भिवानी की अवैध कॉलोनियां पहुंच गई हैं। इसी तरह हांसी गेट पर गांव प्रेमनगर और लोहारू रोड पर गांव देवसर मोड़ तक अवैध कॉलोनियों का जाल बिछ चुका है।
अवैध कॉलोनी में खाली प्लाॅट पर भी अब आठ फीसदी हुआ कलेक्टर रेट
अवैध कॉलोनियों को वैधता के दायरे में लाने की प्रक्रिया के बाद इन कॉलोनियों में प्लाॅट की खरीद और बिक्री करने पर भी अब 10 फीसदी कलेक्टर रेट को घटाकर आठ फीसदी तक कर दिया है। जबकि मकान बनाने के बाद प्रॉपर्टी की खरीद और बिक्री पर सिर्फ पांच फीसदी कलेक्टर रेट तय किया है। ऐसे में पुरानी अवैध कॉलोनियों को वैध होने के बाद यहां प्लाट खरीदना और मकान बनाना भी महंगा नहीं होगा।
इंटरनल रोड तीन मीटर चौड़ा पर भी होगी कॉलोनी वैध
अवैध कालोनियों को नियमित किए जाने के लिए शर्तों में ढील के दौरान इंटरनल रोड तीन मीटर चौड़ा होना जरूरी है। पहले इंटरनल रोड छह मीटर दौड़ाई जरूरी किया गया था। इसी तरह अप्रोच रोड की चौड़ाई भी अब छह मीटर की जगह तीन और छह मीटर तक निर्धारित की गई है। पहले ये नौ मीटर चौड़ाई अनिवार्य की गई थी।
नगर परिषद की हद से बाहर शहर में दो एकड़ से ज्यादा में बनी अवैध कॉलोनियों को नियमित किए जाने के संबंध में नियमों व शर्तों में ढील दी गई है और वैधता के लिए आवेदन भी 14 जुलाई तक कर सकते हैं। ये आवेदन जिला नगर योजनाकार कार्यालय में मैनुअल किए जाएंगे। आवेदन से जुड़ी जानकारी भी विभाग की वेबसाइट से हासिल की जा सकती है।
-नीलम शर्मा, जिला नगर योजनाकार भिवानी।