भिवानी। मेरी फसल मेरा पोर्टल पर दर्शाये 10 फीसदी किसानों के बैंक खातों का मिलान नहीं हो रहा है। भुगतान के दौरान किसानों के ये बैंक खाते या तो बंद हैं या फिर उनका किसानों के नामों से मिलान नहीं है। ऐसे में फसल बेच चुके किसानों का भुगतान भी अटका हुआ है। बेमौसम बारिश के फेर में व्यवस्था उलझ गई है वहीं 20 फीसदी सरसों का उठान भी अभी लटका हुआ है। जिले में सरसों की फसल का रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर दर्ज कराने वाले कुल 80565 किसान हैं।
पोर्टल पर दर्ज खाते बंद दिखाने के बाद किसान भी अब दोबारा पोर्टल पर गलती ठीक कराने के लिए भटक रहे हैं। यही हाल गेहूं की खरीद का भी है। विभाग अपनी तरफ से पूरा भुगतान का दावा कर रहा है, मगर कई किसानों के खातों में पैसा तक नहीं पहुंचा है। ये किसान कभी बैंक तो कभी आढ़ती के यहां चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। हैफेड ने इस बार एक लाख 41 हजार 439 मीट्रिक टन सरसों की खरीद की है। इसमें से अभी भी 18 हजार 503 मीट्रिक टन सरसों मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ी है। ज्येष्ठ के महीने में बेमौसम बारिश ने न केवल सरसों भीगो दी, बल्कि भीगी सरसों का उठान भी अटक गया। जिसकी वजह से इन किसानों का भुगतान भी लटका हुआ है। किसानों ने फसल बिजाई के बाद ही मेरी फसल मेरा पोर्टल पर अपनी फसल कर रजिस्ट्रेशन करा दिया था। जिले में सरसों की फसल का रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर दर्ज कराने वाले 80565 किसान हैं। इन किसानों ने अपनी फसल का विवरण देने के साथ-साथ भुगतान के लिए बैंक खाता भी दर्शाया था, लेकिन फसल बिक्री के बाद संबंधित विभाग जब किसानों की फसल का भुगतान के लिए पोर्टल पर दर्शाये खाते को चेक किया तो खाता ही बंद मिला। जबकि अधिकांश किसानों के खातों का भी फसल बिक्री करने वालों के नाम से मिलान नहीं मिला। ऐसे किसानों का भुगतान भी अटक गया है। अब वे भुगतान के लिए पोर्टल पर दोबारा से बैंक खाता दुरुस्त कराने के लिए दौड़-धूप में जुटे हैं।
गेहूं बेच चुके 6420 किसानों का 87 करोड़ 68 लाख 95 हजार हुआ भुगतान
गेहूं की फसल बेच चुके किसानों में कुछ किसान अभी भी आढ़तियों की गलती का खमियाजा भुगत रहे हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग 6420 किसानों की गेहूं फसल बिक्री पर 87 करोड़ 68 लाख 95 हजार 720 रुपये का भुगतान कर चुका है। लेकिन जिन किसानों के खाते का मिलान नहीं है या फिर उनकी फसल भीगने की वजह से वापस हुई है, उनका भुगतान अभी अटका है। ऐसे किसान करीब पांच फीसदी ही हैं।
जिन किसानों के पोर्टल पर दर्शाये बैंक खाते में मिलान नहीं है। उनके भुगतान में दिक्कत आ रही है। हैफेड अब तक 83 फीसदी फसल का भुगतान कर चुका है। उठान भी तेजी से चल रहा है। मौसम की वजह से थोड़ी दिक्कतें आई हैं। इन किसानों को पोर्टल पर दोबारा से अपना बैंक खाता अपडेट कराना होगा। तभी भुगतान हो पाएगा।
-राजेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक हैफेड भिवानी।