भिवानी। अब नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की तर्ज पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भी प्रदेशभर के शिक्षकों का टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम कराएगा। ये ट्रेनिंग विषय, लिंग और कौशल अनुसार होगी। इसमें शिक्षकों को जिलास्तर या फिर डाइट सेंटर स्तर पर ये ट्रेनिंग सालभर में करीब 50 घंटे तक करनी होगी। शिक्षा बोर्ड ने ये कदम नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उठाया है। इससे स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
अब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबद्धता रखने वाले सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। बोर्ड यह प्रपोजल भी जल्द तैयार करेगा कि एक शिक्षक को किस तरह से कक्षा में पढ़ाना है और किस तरह विषय की बच्चों को तैयारी करानी है। इसी के साथ बच्चों के बौद्धिक विकास से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान में रखा जाएगा। शिक्षा बोर्ड प्रशासन हाल ही में बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों के बाद से शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ परीक्षा के परिणाम को भी बेहतर बनाने में जुटा है। इसी को लेकर बोर्ड ये नया कदम उठाने जा रहा है।
शिक्षकों के हुनर में आएगा निखार, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तर्ज पर कक्षा स्तर पर छात्रों की प्रतिभा का आकलन करने के लिए शिक्षकों को स्किल को पहचानने के लिए भी जरूरी प्रशिक्षण दिया जाएगा। एनसीईआरटी, एससीईआरटी, डाइट संस्थानों में टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलते हैं, मगर बोर्ड अब नई शिक्षा नीति के हिसाब से खुद टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम बनाकर शिक्षकों के हुनर को और अधिक निखारेगा, तभी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार भी आएगा।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तर्ज पर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम पर जोर देगा। इसके लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। आने वाले समय में टीचर ट्रेनिंग जिलास्तर या फिर डाइट स्तर पर कराई जाएगी। इसमें शिक्षकों को सालभर में कई स्तर पर ट्रेनिंग कराई जाएगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और बोर्ड की परीक्षाओं का परिणाम भी पहले से और अधिक बेहतर आएगा।
- डॉ. वीपी यादव अध्यक्ष हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी।