गांव बिजतलानावास में दो एकड़ पंचायती भूमि पर सिंचाई विभाग नहरी पानी भंडारण के लिए टैंक का निर्माण कराएगा। इसके लिए करीब एक करोड़ 40 लाख रुपये का बजट भी खर्च होगा। इसके अलावा भी अन्य गांवों में इस तरह के टैंक बनाए जाएंगे, जो सीधे नहरों से चैनल के जरिये जुड़ेंगे। इन गांवों में बनने वाले टैंकों के अंदर दस हजार क्यूबिक फुट पानी का भंडारण संभव हो पाएगा। इनका उपयोग पानी किल्लत के दौरान खेतों की सिंचाई व पेयजल जरूरतों को पूरा कराने के लिए किया जाएगा। इन टैंकों के जरिये उन गांवों के अंदर भूमिगत जल का भी रिचार्ज किया जाएगा। इससे की उन गांवों में लगातार गिर रहे भूमिगत जल स्तर में थोड़ा इजाफा होगा।
ग्राम पंचायतें अपनी पंचायत के मद की राशि से गांवों के जोहड़ों की मिट्टी छंटाई का काम करा सकती है। जिलेभर में पंचायती राज विभाग की ओर से पहले 23 गांवों में जोहड़ों के सुंदरीकरण का काम किया जा चुका है। ग्राम पंचायत अपने मद की राशि से 21 लाख रुपये तक के काम बिना टेंडर के करा सकती है इससे अधिक राशि पर ई टेंडरिंग से काम कराए जाएंगे। -संभव जैन, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विभाग भिवानी।
सिंचाई विभाग गांवों में जरूरत पूरी करने के लिए नहरी पानी के भंडारण करने और भूमिगत जल के रिचार्ज के लिए दो एकड़ भूमि पर टैंक का निर्माण कराएगा। जिले के गांव बिजलानावास में पंचायती भूमि पर दो एकड़ भूमि पर इस तरह का टैंक बनाया जाना प्रस्तावित है। इस टैंक को नजदीकी नहरी सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इनमें करीब दस हजार फीट क्यूबिक नहरी पानी का भंडारण संभव होगा। -अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता, जूई डिविजन सिंचाई विभाग भिवानी।