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Bhiwani News: अब सरसों और गेहूं की सरकारी खरीद में थमेगा फर्जीवाड़ा, किसान की बॉयोमेट्रिक से बिकेगी मंडी में फसल

Wed, 18 Mar 2026 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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​भिवानी मंडी में किसानों की फसल की सफाई करते मजदूर। 
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भिवानी। अब जिले की मंडियों में सरसों और गेहूं की एमएसपी पर सरकारी खरीद में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए विभाग ने नई व्यवस्था की है। अब किसानों को मंडी में फसल बेचने के लिए बॉयोमेट्रिक प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ेगा। इतना ही नहीं अब किसान के मंडी में फसल लेकर आने वाले वाहन का फोटो भी पोर्टल पर अपलोड़ होगा, इसके बाद ही किसान को ऑनलाइन गेट पास मिलेगा। ये व्यवस्था सरकारी खरीद में फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए की गई हैं।
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जिले में पहले भी मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर बड़े स्तर पर किसानों का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ था। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी फसल खरीद को लेकर कई घोटाले सामने आ चुके हैं। ऐसे में इस बार खरीद में पारदर्शिता के लिए ये व्यवस्था रहेगी।
भिवानी जिले में 12 मंडियों को सरकारी खरीद के लिए अधिकृत किया गया है। जिसमें पटौदी की मंडी को पहली दफा शामिल किया है। इन मंडियों में खाद्य एवं आपूर्ति, एचएसडब्ल्यूसी और हैफेड किसानों की फसल एमएसपी पर खरीद कराएगी। जिला मुख्यालय की मंडी के प्रवेश और निकास द्वार पर सीसीटीवी कैमरे की कड़ी निगरानी रहेगी। इसके प्रबंध किए जा चुके हैं। इसी के साथ किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा में पंजीकृत मोबाइल नंबर से ही ई-गेटपास मिलेगा।
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इसमें गेट पास से पहले किसानों को मंडी में फसल लेकर आने वाले वाहन का पंजीकरण संख्या भी दर्ज करनी पड़ेगी और उसका फोटो भी पोर्टल पर अपलोड होगा। इसके बाद ही ऑनलाइन गेट पास मिलेगा। किसान अपने आधार कार्ड और जनरेट किए क्यूआर कोड से भी ऑनलाइन गेट पास हासिल कर सकते हैं, मगर इसमें नई व्यवस्था को भी शामिल किया गया है। भिवानी जिले में मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अब तक 58846 किसान पंजीकृत हैं। संवाद

भिवानी और बवानीखेड़ा मंडी में शेड का प्रबंध, नौ मंडियों में नहीं व्यवस्था
जिला मुख्यालय के अलावा बवानीखेड़ा की मंडी में ही शेड का बंदोबस्त हैं, बाकी नौ मंडियों में किसानों की अधिकांश फसल खुले आसमान के नीचे ही आढ़तियों की मेहरबानी पर निर्भर रहेगी। जिला मुख्यालय की मंडी में भी सिर्फ दो मुख्य शेड हैं, आवक बढ़ने के साथ ही फसल खुले प्लेटफार्म पर रखना मजबूरी है। बारिश में तिरपाल ही बचाव के लिए विकल्प हैं, मगर तेज हवा में ये भी सब उड़ जाते हैं। खरीद के दौरान किसानों की फसल पर मौसम की मार भी पड़ती है, जिससे फसल की गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ता है, कई बार तो फसल खरीद मानकों पर ही खरा नहीं उतरती और किसान को प्राइवेट बोली पर मनमाने दामों पर बेचनी पड़ती है।

मंडी का नाम- खाद्य आपूर्ति- हैफेड- एचएसडब्ल्यूसी
1. बवानीखेड़ा- 00- मंगल, वीर, शनि- सोम, बुध, शुक्र
2. बहल- पूरे सप्ताह हैफेड की खरीद रहेगी
3. भिवानी- सोम, मंगल, बुध, शुक्र - वीर, शनि- 00
4. चांग- पूरे सप्ताह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की खरीद रहेगी
5. धनाना- मंगल, वीर- सोम, बुध, शुक्र, शनि- 00
6. ढिगावा- पूरे सप्ताह हैफेड की खरीद रहेगी
7. जूई- 00- सोम, मंगल,वीर, शनि- बुध, शुक्र
8. लोहारू- सोम, बुध, शुक्र- मंगल, वीर, शनि- 00
9. सिवानी- पूरे सप्ताह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की खरीद रहेगी
10. तोशाम- सोम, बुध, वीर, शुक्र- 00- मंगल, शनि
11. खरककलां- पूरे सप्ताह हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन की खरीद रहेगी
12. पटौदी- पूरे सप्ताह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की खरीद रहेगी

ये हुई थी 2025-26 में सरसों और गेहूं की सरकारी खरीद
खरीद नोडल अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार 2025-26 में जिले भर में 21 हजार 980 किसानों के एक लाख 47 हजार 191 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कराई गई थी। इसी तरह जिले के 14 हजार 870 किसानों की दो लाख 38 हजार 667 मीट्रिक टन सरसों की खरीद दर्ज की गई थी। खरीद सीजन 2026-27 में पिछले साल के मुकाबले करीब दस फीसदी ज्यादा खरीद का लक्ष्य रखा गया है।

ये है नई व्यवस्था, ऐसे करा सकेंगे किसान बॉयोमेट्रिक
मंडी में आने वाले किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकृत फसल विवरण के बाद जिस वाहन में फसल लेकर आएगा। उस वाहन को गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे के आगे से गुजरना होगा। इसके बाद किसान केंद्र पर किसान को अपने ही पंजीकृत मोबाइल नंबर से अपने आधार कार्ड या जनरेट किए क्यूआर कोड से गेट पास काटने के लिए पोर्टल पर जाना होगा। क्यूआर कोड या आधार नंबर डालते ही किसान का पूरा विवरण आ जाएगा। जिस वाहन में किसान फसल लेकर आया है, उसका पोर्टल पर वाहन पंजीकरण सहित फोटो अपलोड करना होगा। इस वाहन में कितनी फसल है, इसका विवरण भी दर्ज करना होगा। इस समुचित जानकारी के पोर्टल पर अपलोड होने के बाद ही ई-गेट पास मिलेगा। गेट पास मिलने के बाद संबंधित आढ़ती के माध्यम से किसान फसल बेच सकेगा।

मंडी में किसानों के लिए खरीद के पूरे बंदोबस्त किए गए हैं। निकासी और प्रवेश गेट पर सीसीटीवी की निगरानी रहेगी। वहीं फसल बेचने वाले किसान की बॉयोमेट्रिक होगी। किसान की फैमिली आईडी पोर्टल से जुड़ी हैं जिसमें किसान खुद या अपने परिवार के सदस्य की बॉयोमेट्रिक कराते हुए फसल बेच सकेगा। किसानों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे सरकारी खरीद आरंभ होने के बाद ही मंडी में फसल लेकर पहुंचे, पहले फसल लाने पर गेट पास नहीं मिलेगा।
-देवेंद्र ढूल, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड भिवानी।

जिले की संबंधित 12 मंडियों में एजेंसियों द्वारा फसल खरीद का शेड्यूल आ चुका है। मुख्य तीन सरकारी एजेंसी ही किसानों की फसल खरीद कराएंगी। जिले में गेहूं भराई के लिए 21 लाख से अधिक प्लास्टिक बारदाना उपलब्ध है। इसके अलावा सरसों की सरकारी खरीद में संबंधित एजेंसियां बारदाना का प्रबंध कराएंगी। सरकार की हिदायतों के अनुसार खरीद संबंधित निर्देश दिए जा चुके हैं।
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-अपार तिवारी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, भिवानी।
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