भिवानी। अब पर्यावरण को हानि पहुंचाने वाले मामलों की सुनवाई फरीदाबाद और कुरुक्षेत्र की स्पेशल पर्यावरण कोर्ट में नहीं होगी। सरकार ने इन कोर्टों को समाप्त कर दिया है और अब पर्यावरण से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई प्रत्येक जिले के जिला न्यायालय में ही होगी।
पहले पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने से जुड़े मामले केवल फरीदाबाद और कुरुक्षेत्र की स्पेशल कोर्ट में ही देखे जाते थे। इससे संबंधित विभागों को प्रतिदिन इन जिलों के चक्कर लगाने पड़ते थे। सरकार के इस निर्णय से विभागों को राहत मिलेगी और स्थानीय लोगों को भी अपने मामलों के लिए दूर-दराज के जिलों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दरअसल स्पेशल पर्यावरण कोर्ट की स्थापना शुरू में पूरे प्रदेश के सभी जिलों की जगह फरीदाबाद और कुरुक्षेत्र में की गई थी।
इनमें प्रदूषण नियंत्रण विभाग, वन्य जीव विभाग और वन विभाग से जुड़े मामलों की सुनवाई होती थी। चार माह पहले सरकार ने इन दोनों जिलों से पर्यावरण स्पेशल कोर्ट को समाप्त कर दिया। अब जिले के जिला न्यायालय में ही मामले निपटेंगे।
जिला न्यायालय में सुनवाई से मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को अन्य जिलों में नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि सरकार के इस निर्णय को लेकर चर्चा है कि अब पर्यावरण से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि पहले आरोपियों को फरीदाबाद और कुरुक्षेत्र की कोर्ट तक आना-जाना करना पड़ता था जो उनके लिए कठिनाई का कारण था। संवाद
अब पर्यावरण से संबंधित मामलों की सुनवाई फरीदाबाद और कुरुक्षेत्र की स्पेशल कोर्ट की जगह प्रत्येक जिले के जिला न्यायालय में ही होगी। सरकार ने पर्यावरण स्पेशल कोर्ट की जगह जिला न्यायालय परिसर में पर्यावरण से संबंधित केसों की सुनवाई के आदेश जारी किए हैं। -दीपक यादव, वन रांजिक अधिकारी, भिवानी।