फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: अब पशुपालन विभाग बढ़ाएगा सुअर पालन का दायरा, पशु चिकित्सकों को दी जा रही खास ट्रेनिंग

विज्ञापन
 गुजारनी का सुअर फार्म 
विज्ञापन
भिवानी। अब पशुपालन विभाग सुअर पालन का दायरा बढ़ाने की दिशा में जरूरी कदम उठाएगा। हालांकि भिवानी जिले में पिछले कुछ अर्से से सुअर पालन घटा है। इसकी वजह सुअरों में आई बीमारी को माना जा रहा है, क्योंकि विभाग के पास सुअरों की बीमारियों के संक्रमण को रोकने के लिए कोई स्टीक इलाज नहीं है।
विज्ञापन

सुअरों में आने वाली सभी बीमारियों के संक्रमण के लिए स्टीक इलाज नहीं है। इसलिए अब वैक्सीनेशन पर जोर भी दिया जाएगा।सुअरों की नई प्रजातियों के पालन पर जोर देने के मकसद से अब हिसार में भिवानी जिले के पशु चिकित्सक स्पेशल ट्रेनिंग भी ले रहे हैं। इसमें पशु चिकित्सकों के तीन बैच हैं। भिवानी जिले में सुअर पालन कम किया जा रहा है। हालांकि इसके लिए सब्सिडी भी मिल रही है। पहले से चल रहे सुअर पालन फार्मों पर बीमारियों का प्रकोप बढ़ने से पशुपालकों को इन्हें बंद ही करना पड़ा। गांव खरक कलां और गुजरानी गांव में सुअर पालन के फार्म चल रहे हैं, जबकि अधिकांश जगहों पर पशुपालक इनसे मुंह मोड़ चुके हैं। सबसे अहम बात तो यह भी है कि सुअरों में अब कई तरह की बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। इसका स्टीक इलाज पशु पालन विभाग के पास भी नहीं है।


छोटे बच्चों में जल्दी फैलता है संक्रमण, अनजान को न करने दे फार्म का भ्रमण
पशु चिकित्सक डॉ. विजय सनसनवाल का कहना है कि सुअर में बीमारी के फैलने की अधिक संभावना रहती है। सबसे ज्यादा सुअर के छोटे बच्चों में संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए फार्म पर किसी बाहरी व्यक्ति को सीधा फार्म में प्रवेश न दें। फार्म पर विजिट करने वालों को भी पीपीई कीट पहनाएं। सात से आठ माह में सुअर बेचने लायक हो जाता है। सुअर 114 दिन में बच्चे पैदा करती है।
विज्ञापन

-
इन बीमारियों का रहता है खतरा

मुंह खुर, पिंगलेट एलिमिया, लेप्टोस्पाइरोसिस, ब्लास्किल स्वाइन फीवर, अफ्रीकन स्वाइन फीवर, ब्रुसलोसिस बीमारियाें का संक्रमण भी सुअरों पर रहता है। इसमें मुंह खुर व क्लासिकल स्वाइन फीवर के लिए तो पशुपालन विभाग वैक्सीनेशन करता है, मगर अन्य बीमारियों से सुअरों को केवल सावधानी से ही बचाया जा सकता है। एक पशु के संक्रमित होने पर पूरे फार्म पर इसका खतरा भी बढ़ जाता है।
-
पशुपालन विभाग भिवानी जिले में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। पिछले कुछ अर्से से सुअर पालन का रुझान कम हुआ है। इसकी वजह सुअरों में बीमारियों का संक्रमण तेजी से फैलना रहा है। कई फार्म तो बीमारियों के संक्रमण की वजह से बंद हो चुके हैं। पशु चिकित्सकों को हिसार में ट्रेनिंग दिलाई जा रही है। इसके जरिये सुअर पालन को बढ़ावा देने के लिए नए तौर तरीकों को जाना और समझा जाएगा।
विज्ञापन

-डॉ. रवींद्र सहरावत, उप निदेशक पशुपालन विभाग भिवानी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें